गाजियाबाद। मेरठ के करीब 20 साल पुराने अकाउंटेंट निर्मल शर्मा हत्याकांड में बृहस्पतिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में दो गवाहों मनोज कुमार और बाबूराम ने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। दोनों के बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की है।
सीबीआई के अनुसार, 14 जून 2006 की रात अकाउंटेंट निर्मल शर्मा की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन 15 जून को मृतक के बहनोई तुशीन बिश्नोई ने सदर थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर 31 अक्तूबर 2007 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने सुभारती ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अतुल कृष्ण भटनागर समेत अन्य के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश के आरोप में आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि निर्मल शर्मा को रास्ते से हटाने के लिए डॉ. अतुल कृष्ण भटनागर ने तेजवीर और कुलदीप के साथ मिलकर साजिश रची थी।
सीबीआई की जांच के मुताबिक, वारदात की तैयारी के दौरान तेजवीर ने मुकेश से संपर्क किया था। हथियार की व्यवस्था के लिए कुलदीप ने अनुज उर्फ भूरा से संपर्क किया था। हत्या को अंजाम देने के लिए वाहनों की व्यवस्था किए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि हत्या के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से डॉ. अतुल कृष्ण भटनागर को वारदात की जानकारी दी गई थी।