सामाजिक कार्यकर्ता पूनम शर्मा ने कहा कि सूबे में सबसे कम लड़कियों वाले 10 जिलों में गाजियाबाद भी है। यहां साल दर साल लड़कियों की संख्या में कमी आ रही है। जिले के कई गांवों में तो लड़कियां एक हजार लड़कों पर मात्र 552 ही रह गई हैं। ऐसे चिंताजनक माहौल में सभी को एकजुट होकर खड़े होना होगा।
वह कविनगर आर्यसमाज के 41 वें वार्षिक सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रही थीं।उन्होंने कहा कि आर्य समाज महिला सम्मेलन का आयोजन कर लोगों को कन्या भ्रूण हत्या और दहेज उत्पीड़न जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विचार के लिए मंच प्रदान कर रहा है। कन्या भ्रूण हत्या के लिए अभी कड़े कानून की जरूरत है।
इसमें आजीवन कारावास और सामाजिक बहिष्कार का प्रावधान होना चाहिए। आर्य जगत के प्रखर वक्ता डा. ओमव्रत आचार्य ने कहा कि मौजूदा समय में परिवारों में संस्कार दिए जाने चाहिए। संस्कारवान परिवार ही इन समस्याओं का समूल समाधान प्रदान करेंगे। यदि जरा भी लापरवाही हुई तो परिवारों को टूटने-बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर कमलेश भारद्वाज ने और संचालन पूर्व प्राचार्य डा. हरवीर सिंह ने किया। इससे पहले प्रमोद आचार्य ने यज्ञ संपन्न कराया। आर्यजगत के भजनोपदेशक सतीश सत्यम और कुलदीप आर्य ने प्रेरणादायक भजन प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।