गाजियाबाद। देहरादून में बड़ी दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं बनाकर सप्लाई करने वाले गिरोह पर कार्रवाई के बाद जिले का औषधि विभाग अलर्ट हो गया है। इस मामले के मुख्य आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था, जहां उसके किसी डील के लिए आने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से विभाग की नजर यहां की दवा दुकानों पर है। साथ ही जांच में केमिस्ट एसोसिएशन की भी मदद ली जाएगी।
औषधि निरीक्षक रुद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि नकली दवाओं की सप्लाई के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी गाजियाबाद से हुई है। ऐसे में संभावना है कि वह जिले के कुछ दवा कारोबारियों के संपर्क में रहा हो। इसे लेकर जांच कराई जा रही है। इस संबंध में दवा कारोबारियों से भी बातचीत की जा रही है।
मोबाइल से मिली दवाओं की जानकारी
जानकारी के अनुसार, बुधवार को स्वाट टीम और एफएसडीए की टीम ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित दिल्ली-6 मॉल से रुड़की (हरिद्वार) निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद रुड़की स्थित उसकी फैक्टरी में छापा मारकर भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की गईं। जांच के दौरान आरोपी अरुण के मोबाइल से टैब फ्लोजेन-एए की नकली दवा की फोटो मिली। इसमें जो खामियां थीं, उनके बारे में पहले लखनऊ में हुई कार्रवाई के दौरान जानकारी मिल चुकी थी।
इस मामले में पुलिस ने अरुण के अलावा रुड़की स्थित जिस मकान में उसकी कंपनी संचालित हो रही थी, उसके स्वामी को भी गिरफ्तार किया है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि आरोपी के पास बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण और गैस्ट्रिक समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल होने वाली नकली दवाएं मिली हैं। इन दवाओं के स्टॉक की जिले में भी जांच कराई जा रही है।