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आपकी पसंदीदा चाप मिलावटी तो नहीं?: 90 फीसदी तक मैदा; सेहत के नाम पर हो रहा खेल; जांच में चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 30 Jul 2026 01:58 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

क्या आप भी सोया चाप को हेल्दी समझकर खाते हैं? गाजियाबाद की दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसे जानकर आप अगली बार चाप खरीदने से पहले जरूर सोचेंगे। कहीं 90 फीसदी तक मैदा मिला, तो कहीं गंदगी के बीच तैयार हो रही थी चाप। 
 
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सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है ऐसी चाप - फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
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अगर आप सोया चाप के शौकीन हैं तो सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में प्रोटीन से भरपूर बताकर बेची जा रही सोया चाप में असलियत कुछ और ही सामने आ रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि कई जगह सोया चाप के नाम पर मैदे और ग्लूटेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोनी में हुई कार्रवाई के दौरान एक फैक्टरी में 300 किलो मैदा मिला, जबकि सोया आटा महज 10 किलो था। यानी जिस उत्पाद को लोग स्वास्थ्यवर्धक समझकर खा रहे हैं, उसमें सोया की मात्रा बेहद कम थी।

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खाद्य सुरक्षा विभाग ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए लोनी के आर्य नगर स्थित मोहम्मद यूनुस की चाप बनाने वाली फैक्टरी का संचालन बंद करा दिया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष झा ने बताया कि फैक्टरी में मिली सामग्री को जब्त कर तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। फैक्टरी संचालक खाद्य निर्माण का लाइसेंस भी नहीं दिखा सका। इसके चलते खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की गई।

दीवार से गिर रहा था प्लास्टर, चारों ओर पानी
जांच के दौरान फैक्टरी की हालत ने भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। अधिकारियों के अनुसार, दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा था और उसके टुकड़े खाद्य सामग्री में गिरने की आशंका थी। चाप तैयार करने वाले स्थान पर गंदा पानी भरा हुआ था। कर्मचारियों के कपड़े भी उसी जगह टंगे मिले, जहां खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है ऐसी चाप
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सोया चाप को लचीला बनाने के लिए कई जगह ग्लूटेन का इस्तेमाल किया जाता है। जांच में सामने आया है कि कई उत्पादों में सोया की मात्रा बेहद कम और मैदे की मात्रा अधिक होती है। अधिक मात्रा में मैदे का सेवन पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा भी रहता है। अस्वच्छ वातावरण में तैयार चाप से बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा भी रहता है।
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गंदगी के बीच बनाया जा रहा था सोया चाप
गाजियाबाद के गणेशपुरी भाटी चौक स्थित सोया चाप निर्माण इकाई घनश्याम चाप पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर गंदगी के बीच तैयार की जा रही 200 किलोग्राम सोया चाप को नष्ट करा दिया। विभाग ने फैक्ट्री के पंजीकरण को निलंबित करने की संस्तुति की है। साथ ही प्रतिष्ठान में सुधार होने तक खाद्य निर्माण का काम बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में टीम ने सोया चाप निर्माण परिसर का निरीक्षण किया। मौके पर फैक्ट्री संचालक मौजूद नहीं मिले। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता पाया गया और परिसर में अत्यधिक गंदगी मिली।
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