गाजियाबाद। शहर के बीच में आने वाले पांच गांवों कनावनी, मोरटी, भोवापुर, अटौर और नंगला के दिन अब बहुरने वाले हैं। नगर निगम अपने सीमा क्षेत्र का विस्तार करने जा रहा है। सभी कुछ ठीक रहा तो इस निकाय चुनाव से पहले ही इन पांचों गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया जाएगा। इसके लिए प्रपोजल तैयार किया जा रहा है।
इंदिरापुरम और वसुंधरा के बीचों-बीच स्थित कनावनी गांव को पूर्व में गौतमबुद्ध नगर में शामिल कर दिया गया था। कुछ माह पूर्व ही शासन ने फिर से नोटिफिकेशन जारी करके कनावनी को गाजियाबाद का हिस्सा बना दिया था।
हाईप्रोफाइल इस इलाके के बीच में स्थित गांव कनावनी में आज भी प्रधानी के चुनाव होते हैं। कुछ ऐसा ही हाल राजनगर एक्सटेंशन के बीच आने वाले मोरटी और भोवापुर गांव का है। पूरी तरह से शहरी क्षेत्र में आने वाले इन गांवों में आज तक भी प्रधानी प्रथा है।
अटौर और नंगला में भी ऐसा ही हाल है, जबकि इन गांवों की दूरी राजनगर एक्सटेंशन से चंद किलोमीटर की ही बाकी है। मेयर अशु वर्मा ने बताया कि इन पांचों गांवों को अब नगर निगम में शामिल किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए प्रपोजल तैयार किया जा रहा है।
मेयर ने बताया कि 11 जुलाई को लखनऊ में आयोजित होने जा रही शासन स्तर की बैठक में इन पांच गांवों का प्रपोजल भी मांगा गया है। शासन से संस्तुति मिलने के बाद इन गांवों को नगर निगम क्षेत्र से जोड़ लिया जाएगा।
यह होगा फायदा
नगर निगम के परिक्षेत्र में आने के बाद इन पांचों ही गांवों का तेजी से विकास होगा। अभी तक प्रधानी के चलते इन गांवों को विकास के लिए बजट कम ही पड़ता था। यही कारण है कि शहरी क्षेत्र के बीच में आने के बावजूद इन गांवों में आज तक पक्की सड़क तक नहीं बन सकी।