मानव शरीर पर प्रतिकूल असर के मद्देनजर इन फिक्स डोज कांबिनेशन ड्रग्स को बैन किया गया है।
गर्भवती महिलाओं की सेहत सुधरे और बच्चा स्वस्थ पैदा हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं पर ध्यान दे रहा है। जिन महिलाओं में खून की कमी पाई जाएगी उनको आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी।
प्रदेश में कुपोषण की रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जाएगा। एक सर्वे के अनुसार प्रदेश में महज 4.3 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियां नसीब हो पाती हैं। स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास द्वारा एक अभियान चलाकर महिलाओं को प्रोटीनयुक्त भोजन और आयरन की गोलियां खिलाई जाएंगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य पोषण पर परामर्श भी दिया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए जनवरी व फ रवरी में मातृत्व सप्ताह आयोजित किया गया था। जिसके तहत हजारों महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच हुई थी।
इनमें से अधिकांश में पोषण तत्वों की कमी पाई गई थी। एनिमिक गर्भवती महिलाओं पर आशाएं भी नजर रखेंगी। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को आयरन की सौ गोलियां खिलाई जाएंगी।
महिलाओं को इसके फायदों के बारे में भी बताया जाएगा। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि इसके बारे में आशाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह जिम्मेदारी आशाओं की होगी।