टीएचए की आरडब्ल्यूए को बोरवेल चालू रखने के लिए एनओसी लेने का एक और मौका मिल गया है। 31 मई से बिना अनुमति के लगे बोरवेल को सील करने की कार्रवाई को एनजीटी ने आगे बढ़ा दिया है। साथ ही सभी सोसायटी को 31 मई को सीजीडब्ल्यूए (सेंट्रल गर्वमेंट वाटर अथॉरिटी) को अप्लीकेशन जमा करना होगा।
यह फैसला मंगलवार को बोरवेल मामले पर हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिया। इस मामले पर अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। इस बीच में बोरबेल सील नहीं किए जाएंगे। दरअसल, एनजीटी ने बोरवेल के लिए एनओसी लेने के लिए 31 मई तक का समय दिया था।
तय समय पर एनओसी नहीं लेने पर बोरिंग को सील करने की कार्रवाई के निर्देश एनजीटी ने दिए थे। इस पर कंसोर्टियम ऑफ गाजियाबाद ने एनजीटी में याचिका डाली थी। मामले में दूसरी सुनवाई मंगलवार को हुई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील संजीव सिंह ने कहा कि बोरवेल सील होने से सोसायटी में पानी का संकट गहरा जाएगा, क्योंकि यहां पानी का दूसरा कोई विकल्प नहीं है। कंसोर्टियम के अध्यक्ष शरत झा ने बताया कि एनजीटी ने लोगों को करीब डेढ़ माह की मोहलत देते हुए आरडब्ल्यूए को सीजीडब्ल्यूए को एप्लीकेशन जमा करने का निर्देश दिया है।
कंसोर्टियम कर रही लोगों को जागरूक
कंसोर्टियम के अध्यक्ष शरत झा और मोहम्मद आरिफ खान ने एनजीटी के निर्देश का स्वागत करते हुए खुशी जताई। उन्होंने बताया कि सभी आरडब्ल्यूए को एप्लीकेशन जमा करने के लिए कहा जा रहा है। व्हॉट्सएप ग्रुप पर फार्म की प्रति भेजी गई है।