चार दिवसीय हिंदू आध्यात्मिक मेले का रविवार को समापन हो गया। मेले के अंतिम दिन मातृ-पितृ वंदन का सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एक हजार माता-पिता का उनके बालकों ने पूजन किया। इसके बाद शाम को परमवीर चक्र प्राप्त शहीदों का भी वंदन किया गया।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के समापन अवसर पर सबसे पहले हरिद्वार से पधारे कैलाशानंद एवं नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बलबीर भाई के सानिध्य में मातृ-पितृ पूजन किया गया। इसमें एक हजार अभिभावकों का उनके बच्चों ने गंगाजल से चरण वंदन किया।
भाई बलबीर ने कहा कि हिंदू संस्कृति में माता-पिता का चरण वंदन एक सामान्य व्यवहार में आता है, लेकिन आधुनिकता और पाश्चात्य संस्कृति के कारण हम अपने सामाजिक मूल्यों को भूलते जा रहे हैं।
दोपहर में सामाजिक समरसता समारोह में वाल्मीकि आश्रम के संत मानदास महाराज मौजूद रहे। शाम को 4.30 बजे से परमवीर शहीद सैनिकों सूबेदार जोगेंद्र सिंह, लांसनायक एलबर्ट एक्का, लेफ्टीनेंट मनोज कुमार पांडे, कैप्टन विक्रम बत्रा, सूबेदार मान सिंह सहित अन्य के वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसके साथ ही इन सभी परमवीर चक्र विजेताओं की जानकारी बच्चों को दी गई। महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंद महाराज, मेजर जनरल डीजी बख्शी, कथा वाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज और पावन चिंतन धारा के पवन सिन्हा के सानिध्य में परमवीर चक्र विजेताओं का वंदन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य एवं प्रमुख अतिथियों ने कहा कि भारत के वीर सपूतों की वीरता गाथा से इतिहास भरा पड़ा है। इस प्रकार के आयोजन शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजली है। कार्यक्रम आयोजकों में मुख्य रूप से ललित जायसवाल, विनोद कुमार, सुशील कुमार, डॉ. दिनेश अरोड़ा, विजय गोयल, दिवाकर सिंघल, अश्वनी शर्मा, विपिन त्यागी, आदि मौजूद रहे।