अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को आयोजित हुई अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2016 में विद्यार्थियों के अरमानों को पंख लगते नजर आए। आध्यात्मिक नगर स्थित आईएमएस इंजीनियरिंग कालेज में दो पालियों में आयोजित हुई इस परीक्षा में 2771 विद्यार्थी शामिल हुए।
सुबह 10 से 11.30 बजे की पाली में नौवीं व 10वीं के 790 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसके बाद दोपहर 02 से 3.30 बजे की पाली में 11वीं व 12वीं के 1981 विद्यार्थी छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल हुए।
छात्रवृत्ति परीक्षा में गाजियाबाद और हापुड़ के अलावा बागपत व आसपास के क्षेत्र के स्टूडेंट्स भी पहुंचे। सुबह 10 बजे की पाली में पेपर शुरू होने से एक घंटा पहले से ही स्टूडेंट्स के साथ उनके परिजनों का हुजूम परीक्षा केंद्र पर उमड़ पड़ा।
सुबह नौवीं व दसवीं की परीक्षा में पेपरों के चार सेट थे। पेपर में सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, अंग्रेजी और तार्किक सवाल पूछे गए थे। वहीं दोपहर की पाली में 11वीं व 12वीं के दो सेट में पूछे गए सवालों ने स्टूडेंट्स की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में काफी मदद की।
आईएमएस सोसायटी के चेयरमैन संजय अग्रवाल, जनरल सेक्रेटरी राकेश छारिया और निदेशक डा. श्रवण मुखर्जी ने मेधावी विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए अमर उजाला की इस मुहिम की प्रशंसा भी की।
छात्रवृत्ति परीक्षा में उमड़ीं छात्राएं, 65 फीसदी रही संख्या
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2016 में छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया। नौवीं-10वीं और 11वीं-12वीं की परीक्षा में छात्राओं की संख्या 65 फीसदी से अधिक रही।
अतुल माहेश्वरी परीक्षा में विद्यार्थियों की ओवरऑल संख्या
क्लास पंजीकृत छात्र परीक्षा में बैठे
नौवीं-10वीं 1341 790
11वीं-12वीं 3094 1981
नौवीं-10वीं
पहली बार मिला नया अनुभव
स्कूल की परीक्षा से अलग पहली बार इस तरह की कोई बाहरी परीक्षा दी है। यहां आने पर पहले तो थोड़ा डर लगा लेकिन परीक्षा देकर जब बाहर निकला तो खुद में बहुत अच्छा लग रहा था। - आरिफ सैफी
परीक्षा ने बढ़ाया आत्मविश्वास
परीक्षा का फार्म भरने से लेकर परीक्षा देने तक हर पल मैं बहुत उत्साहित हो रही थी। इस परीक्षा से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। - अंबिका
कंपीटीशन की तैयारी करूंगी
परीक्षा ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है। छात्रवृत्ति मिली तो इसका प्रयोग मैं अपनी पढ़ाई के लिए करूंगी। छात्रवृत्ति के पैसों से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए हेल्प बुक खरीदूंगी। - राशि
बनूंगी डॉक्टर
छात्रवृत्ति से मैं अपने आगे की पढ़ाई जारी रखूंगी और साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई कर डॉक्टर बनूंगी। इसके लिए मैं अगली बार भी परीक्षा में शामिल होऊंगी। - मानसी त्यागी
आगे बढ़ने वालों को मिलेगा मौका
यह परीक्षा ऐसे बच्चों के लिए बेहद मददगार साबित होगी जो बच्चे पैसों की कमी के चक्कर में पीछे रह जाते हैं। यह छात्रवृत्ति हमें आगे बढ़ने में सहयोग करेगी। - पल्लवी सिंह नहीं हुई कोई परेशानी
प्रश्नपत्र तो आसान था ही सभी शिक्षकों का भी बेहतर सहयोग रहा। ऐसे में अजनबी जगह पर परीक्षा देने में कोई परेशानी नहीं आई। - करिश्मा वर्मा
11वीं-12वीं
. आसान लगा पेपर
परीक्षा की तैयारी महीने भर से कर रही थी। इसके लिए लगातार अमर उजाला अखबार पढ़ रही थी और अपने शिक्षकों से भी हेल्प ली। पेपर देखकर बहुत ही अच्छा लगा क्योंकि पेपर आसान था। - गोल्डी
खुद उठाऊंगा पढ़ाई का खर्च
परीक्षा की तैयारी करीब दो महीने से कर रहा था। उम्मीद है कि परीक्षा पास करूंऔर छात्रवृत्ति मिले जिससे मैं अपने आगे की पढ़ाई का खर्च खुद ही उठाने में सक्षम रहूं। - गुरमीत
मेधावियों को मिलेगी राह
मंजिल तक पहुंचने में मेधावियों को यह परीक्षा मददगार साबित होगी। परीक्षा में पास होने पर जो छात्रवृत्ति मिलेगी हम लोग उसका प्रयोग अपनी बेहतर पढ़ाई के लिए कर सकेंगे। - काजल वर्मा
आगे की पढ़ाई में नहीं होगी पैसों की कमीं
यह छात्रवृत्ति मिलती है तो बारहवीं के बाद मुझे पढ़ने में पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी। इसके प्रयोग से मैं अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकूंगी। - राखी
छात्रवृत्ति की मदद से खरीद सकेंगे अच्छी किताबें
इंटर के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह छात्रवृत्ति बेहद मददगार साबित होगी। छात्रवृत्ति से मिलने वाले पैसों से अच्छी किताबें खरीदूंगी। - शाइस्ता
परीक्षा ने बढ़ाया आत्मविश्वास
परीक्षा की तैयारी लंबे समय से कर रहा था। इसके लिए अमर उजाला के साथ ही अन्य अखबार और सामान्य ज्ञान की किताबें भी पढ़ीं। परीक्षा देने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है।
- कमल चौहान
परीक्षा के बाद सेल्फी का जोर
दूसरी पाली में छात्रवृत्ति की परीक्षा देकर निकले इंटर के बच्चों ने जमकर सेल्फी खींची। परीक्षा में शामिल होने का उत्साह बच्चों में खूब दिखा। हर किसी के चेहरे पर जीत की खुशी थी और बच्चे सेल्फी लेकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे थे।
दूसरी पाली के लिए सुबह ही आ गए थे सेंटर पर
परीक्षा के प्रति बच्चों का उत्साह कुछ इस कदर था कि दूसरी पाली के विद्यार्थी भी सुबह ही सेंटर के बाहर पहुंच गए थे। दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न 2 बजे से थी, लेकिन बच्चे 11 बजे से ही सेंटर के बाहर एकजुट होने लगे थे।