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न आते सुरक्षाकर्मी तो जला देते हमारी कार

Mon, 11 Jul 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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अमरनाथ यात्रा पर गए गाजियाबाद के डेढ़ दर्जन श्रद्धालु फंसे - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद/वैशाली। हिजबुल मुजाहिदीन के एरिया कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में स्थिति तनावपूर्ण है। कई दिनों से चली आ रही हिंसा के बाद विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अमरनाथ यात्रा भी रोक दी गई है। ऐसे में हजारों यात्री फंस गए हैं।
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इनमें गाजियाबाद और टीएचए के भी कई यात्री हैं। रविवार को यात्रा में फंसे कुछ लोगों ने अपने परिवार वालों से फोन पर बात की। कुछ श्रद्धालुओं ने फोन पर अमर उजाला से अपनी आप बीती बताई और सुरक्षित होने की सूचना दी।
 
टीएचए से इंदिरापुरम, वैशाली, राजेंद्र नगर और साहिबाबाद इलाके से करीब 18 लोग सात जुलाई की शाम अपनी गाड़ी से अमरनाथ यात्रा के लिए निकले। वैशाली सेक्टर-3 निवासी केदार मेहता ने बताया कि बनिहाल पहुंचते ही हमें विरोध का सामना करना पड़ा।
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प्रदर्शनकारियों ने उन पर पथराव किया। उनके आगे की गाड़ियों को गुस्साए लोगों ने तोड़ दिया। चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। ऐसे में वह लोग वहीं से वापस लौटने लगे। बड़ी मुश्किल से प्रदर्शनकारियों से छिपते-छिपाते जान बचाकर रामबाण पहुंचे। अभी एक शेल्टर होम में जगह मिली है। जहां से घर फोन किया जा सका है।

राजेंद्र नगर निवासी रवि ने बताया कि दो दिन तक फोन व इंटरनेट सेवा बंद रही। घरवालों से भी कोई संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में परिजनों का बुरा हाल था। रविवार को रामबाण पहुंचने पर घर वालों से बात हो सकी और उन्हें सबके सुरक्षित होने की सूचना दी गई।

मामला शांत होते ही यह लोग टीएचए के लिए निकलेंगे। बालटाल में फंसे श्रद्धालुओं ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने लोगों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर रखा है। लोग फंसे हुए हैं और प्रशासन कोई ठोस फैसला नहीं ले पा रहा। इसी के चलते परेशान श्रद्धालुओं ने रविवार सुबह जोरदार प्रदर्शन किया।
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