डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और स्वास्थ्य विभाग आंकडे़बाजी के खेल में लगा है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक डेंगू के सिर्फ दो मरीजों की पुष्टि की थी, मगर अब शासन को भेजी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि गाजियाबाद में डेंगू के मरीजों की संख्या 2 नहीं बल्कि 34 हो चुकी है।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की पोल उस समय खुली जब बुधवार को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की ओर जारी डेंगू के मरीजों की सूची गाजियाबाद पहुंची। इस सूची में बताया गया है कि प्रदेश में कुल 174 डेंगू के मरीज मिले हैं, जिसमें से 34 मरीज गाजियाबाद के हैं।
बुधवार को जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने इस बात की पुष्टि की है कि अब तक जनपद में 34 डेंगू के मरीज मिले हैं। इसमें से सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से भेजे गए सैंपल की जांच में पुष्टि हुई है।
चिकनगुनिया के मिले आठ नए मरीज:
स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सात और मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि की है। इसके अलावा एक प्राइवेट क्लीनिक से इलाज करा रहे व्यक्ति का भी चिकनगुनिया पॉजिटिव आया है। बुधवार को संक्रामक रोग विभाग की लैब में 31 सैंपल की जांच की गई थी।
इसमें से पांच गाजियाबाद के और एक मरीज नोएडा और एक दिल्ली के मरीज को मिलाकर कुल सात लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले एक व्यक्ति की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस तरह अब तक गाजियाबाद में 18 चिकनगुनिया के मरीजों की पुष्टि हुई है, और कुल 83 सैंपल जांच के लिए आ चुके हैं।
नगर-निगम का अभी तक शुरू नहीं हुआ फॉगिंग अभियान
स्वास्थ्य विभाग और नगर-निगम दोनों के संयुक्त अभियान के तहत स्प्रे और फॉगिंग कराई जानी है लेकिन अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एक सितंबर से सुबह लार्विसाइड का और शाम को फॉगिंग का एक साथ अभियान चलाया जाएगा।
‘डेंगू’ से बुजुर्ग की मौत
न्याय खंड-3 निवासी एक बुजुर्ग की बुधवार को तेज बुखार से मौत हो गई। मृत्यु दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में सुबह चार बजे उपचार के दौरान हुई। परिजनों का कहना है कि मरीज को डेंगू हुआ था लेकिन अस्पताल द्वारा दी गई डेथ समरी में डेगू का जिक्र नहीं है।
न्याय खंड-3 निवासी चंद्र मोहन अरोड़ा (50) को दो दिन पहले बुखार आया था। सोमवार को बुखार आने पर संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रेफर कर दिया था।
चंद्र मोहन की मृत्यु से न्याय खंड-3 निवासियों में बुखार को लेकर भय है। रेजिडेंट दिलीप झा का कहना है कि सड़क पर जलभराव है और मच्छरों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में, बीमारी का खतरा बना हुआ है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू से मौत होने पर अस्पताल सूचित करता है, फिलहाल इस मामले की सूचना नहीं है।