नगर निगम के जिन अफसरों पर शहर में साफ-सफाई की जिम्मेदारी है, बुधवार को तीन घंटे हुई मूसलाधार बारिश हुई तो उनके आवास भी पानी से लबालब हो गए। नगर आयुक्त आवास परिसर में बारिश का पानी घुस गया। सुबह नगर आयुक्त को भी इसी पानी से होकर निगम कार्यालय जाना पड़ा।
इस मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई की पोल खोल दी। नाले-सीवर जाम होने से बारिश का पानी हिंडन में नहीं जा पाया और बुधवार को शहर एक बड़ी ‘झील’ के रूप में तब्दील हो गया।
शहर की कोई कालोनी ऐसी न थी, जिसमें जलभराव न हुआ हो। महापौर ने निगम अफसरों के साथ कई क्षेत्रों में दौरा किया तो जलभराव से जूझ रहे लोगों ने उन्हें अपना दर्द सुनाया।
नगर निगम ने मानसून से पहले ही नालों की सफाई कराने का दावा किया था।
हालांकि डीएम की जांच में निगम के इस दावे की हवा निकल गई थी। बावजूद इसके नाला सफाई में खानापूर्ति की गई। यही वजह है कि बुधवार सुबह साढ़े सात बजे से तीन घंटे हुई झमाझम बारिश में शहर के नाले उफनने लगे।
थोड़ी ही देर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा। प्रताप विहार, नंदग्राम, पटेल नगर-सेकेंड छबीलदास स्कूल के पास घरों में पानी घुस गया। जलभराव की वजह से स्कूली बच्चों को भी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
इन इलाकों में रहा जबरदस्त जलभराव:
मालीवाड़ा, नेहरू नगर, बसंत चौक, गांधी नगर मार्केट, नंदग्राम, विजयनगर, प्रताप विहार, घूकना, लोहिया नगर, पटेल नगर सेकेंड, आर्य नगर चौक, कविनगर आदि जगहों पर जबरदस्त जलभराव देखने को मिला।
पुराना बस अड्डा स्थित हिंडन मोटल्स ऐसा लग रहा था जैसे किसी टापू पर इमारत बना दी गई हो। यहां रहने वाले स्टाफ के सरकारी आवासों में भी पानी भर गया।
निगम कार्यालय परिसर में भी घुसा पानी:
शहर का सबसे पुराना नवयुग मार्केट बुधवार को जलमग्न हो गया। बारिश का पानी नगर निगम कार्यालय परिसर में भी घुस गया। जलभराव की वजह से निगम कार्यालय का मेन गेट बंद हो गया। निगम को जीडीए कार्यालय की ओर का गेट खोलना पड़ा। नवयुग मार्केट स्थित मुख्य डाक घर, स्टेट बैंक में पानी घुस गया।
गोशाला अंडरपास बना नहर:
विजयनगर क्षेत्र से पुराने शहर को जोड़ने वाला गोशाला अंडरपास बुधवार को किसी नहर से कम नजर नहीं आ रहा था। दस फीट तक अंडरपास में पानी भरा था। ऐसे में यहां वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
लाइनपार से पुराने शहर जाने के लिए लोगों को एनएच-24 और जीटी रोड का चक्कर लगाना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी गोशाला अंडरपास के जलभराव से संबंधित फोटो जल्द ही वायरल हो गए। इन फोटो पर अपने कमेंट्स करते हुए लोगों ने निगम अफसरों और सरकारी मशीनरी को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
मेयर निरीक्षण करने गए तो व्यापारियों ने सुनाया दर्द
बारिश के बाद शहर की सड़कों पर पानी-पानी हुआ तो महापौर अशु वर्मा शहर में निरीक्षण करने निकले। उन्होंने जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता आरके यादव और सहायक अभियंता आनंद त्रिपाठी, सेनेट्री इंस्पेक्टर वीपी शर्मा को साथ लेकर जलभराव के कारणों को जाना।
मेयर और निगम अधिकारी मालीवाड़ा पहुंचे तो व्यापारियों ने महापौर को अपना दुखड़ा सुनाया। महापौर ने जलकल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जलभराव के कारण की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाला सफाई में बाधक बने अतिक्रमण को चिह्नित कर तोड़ा जाएगा।
नगर आयुक्त बोले
24 घंटे में दो बार मूसलाधार बारिश होने से एक साथ ज्यादा पानी आ गया। इसकी वजह से ज्यादा जलभराव हुआ। जहां से भी जलभराव की शिकायतें मिलीं, उन्हें अटेंड करने के लिए तत्काल जलकल विभाग के स्टाफ को भेजा गया।
अधिकांश स्थानों से बारिश रुकने के दो घंटे बाद पानी उतर गया था। जरूरत के मुताबिक संपवेल लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए गए हैं। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त
बारिश से कचहरी में कामकाज रहा ठप
बुधवार सुबह हुई तेज बरसात से कचहरी परिसर में भी जलभराव की स्थिति बन गई थी। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्ग भी बारिश के पानी से लबालब हो गए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने बताया कि जलभराव के चलते वादकारियों को कचहरी तक पहुंचने में हुई परेशानी को देखते हुए ही कार्य से विरत रहने का फैसला लिया गया।
ऐसे में सीबीआई विशेष कोर्ट में गाजियाबाद के पूर्व सीएमओ परिवार कल्याण रहे डा. विजेंद्र पाल सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई को एक दिन के लिए टाल दिया गया। इस मामले में अब एक सितंबर को सुनवाई होगी। बता दें कि विजेंद्र पाल सिंह ने कुछ दिन पूर्व ही सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया था।
कलक्ट्रेट में भी हुआ जलभराव, टपकने लगी इमारत
तेज बरसात से कलक्ट्रेट परिसर में भी जलभराव हो गया। मेन मार्ग से लेकर भवन तक जाने वाले रास्ते में करीब एक फीट तक पानी रहा। इस बारिश ने कलक्ट्रेट भवन की गुणवत्ता की भी पोल खोल दी।
कलक्ट्रेट भवन में जगह-जगह से पानी टपक रहा था। इससे डीएम के स्वागत कक्ष के साथ ही पहली और दूसरी मंजिल पर भी इमारत के अंदर पानी बहने लगा। दीवारों पर भी जगह-जगह सीलन आ गई। इस बारे में एडीएम फाइनेंस राजेश यादव का कहना है कि बिल्डिंग की गुणवत्ता जांच और मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा जाएगा।
बारिश ने रोकी गाजियाबाद की रफ्तार
बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी। सड़कें तालाबों में तब्दील हो गईं और हाईवे से लेकर अंदरूनी मार्गों तक जाम लगा रहा। नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। एनएच-24 और एनएच-58 पर दोपहर तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।
वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे। घंटों की मशक्कत के बाद लोग जैसे-तैसे अपने गंतव्य तक पहुंचे। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस फेसबुक और ट्विटर पर भी लोगों को लगातार जाम के बारे में सूचना और सलाह दे रही थी।
बारिश ने किया बुरा हाल, स्कूल बने तालाब
झमाझम बारिश ने परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्था की पोल खोल दी। लट्ठमार प्राथमिक विद्यालय में तो विद्यालय की बाउंड्रीवाल बारिश की वजह से गिर गई। गनीमत रही कि उस दौरान बच्चे क्लास में थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इसके साथ ही नगर क्षेत्र के कैला जनरल प्राथमिक विद्यालय-2, राइट गंज उच्च प्राथमक विद्यालय गांधीनगर प्राथमिक विद्यालय, कड़कड़ मॉडल प्राथमिक , उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राइमरी विद्यालय नंदग्राम, उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रताप विहार केसाथ ही अकबरपुर-बहरामपुर आदि स्कूल बारिश में जलमग्न हो गया।
अकबरपुर-बहरामपुर प्राथमिक विद्यालय में तो हेड मास्टर के कक्ष में पानी घुस गया। सहायक शिक्षक राहुल चौधरी ने बताया कि क्लास रूम तक में पानी भर गया।
एक्सटेंशन की कई सोसायटी में भरा पानी
राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी, रीवर हाइट सोसायटी में भी पानी भर गया। बारिश की वजह से रीवर हाइट में लिफ्ट भी बंद हो गई। रीवर हाइट एओए फेडरेशन के अध्यक्ष प्रमोद धनकड़ ने बताया कि सुबह बारिश की वजह से बेसमेंट में पानी भर गया।
इसके बाद सभी लिफ्ट भी बंद हो गई। इसकी वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एओए अध्यक्ष ने कहा कि बिल्डर द्वारा सोसायटी में सड़क लेवल से एक मंजिल नीचे फ्लैट बना दिए गए हैं। पानी निकासी की भी व्यवस्था नहीं है, वॉटर हारवेस्टिंग भी नहीं है। ऐसे में सोसायटी में हर बारिश में पानी भर जाता है।
किसानों के चेहरे खिले
बुधवार को क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से जहां लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत महसूस की वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान जोगेश ने बताया कि इस बारिश से धान और ईख की फसल को बहुत लाभ पहुंचेगा।
कई दिनों से फसल सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा था। इधर, बारिश के दौरान आसमान में काले बादल छाए रहे इसके चलते सुबह दस बजे तक वाहन चालकों को लाइट जला कर चलना पड़ा।
पूरे दिन रुक रुक पड़ी बारिश से हाईवे पर कई स्थानों पर पानी भर गया। इससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। जिससे हाईवे पर काफी देर तक जाम की सी स्थिति बनी रही।