स्मार्ट सिटी बनने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा अतिक्रमण है। नगर निगम ने जो सुझाव मांगे हैं उनमें सबसे ज्यादा अतिक्रमण और जाम से संबधित हैं। लोग सबसे ज्यादा त्रस्त गाजियाबाद की सड़कों पर अतिक्रमण से हैं। निगम अधिकारियों को इस प्वाइंट को स्मार्ट सिटी प्रपोजल में शामिल करना होगा।
सुझाव के लिए निगम ने पुराने स्मार्ट सिटी प्रपोजल को अपनी वेबसाइट www.nagarnigamghaziabad.in और केंद्र सरकार की वेबसाइट www.mygov.in पर अपलोड किया था। इस पर शहर के लोगों से राय ली जा रही है।
निगम अधिकारियों ने फेसबुक, ट्विटर, जीमेल और वेबसाइट पर सुझाव देने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। शहर के लोग 20 मई तक आनलाइन सुझाव दे सकेंगे। पहले अंतिम तारीख 9 मई तय की गई थी।
स्मार्ट सिटी मिशन के सह नोडल अधिकारी एसएस चौहान ने बताया कि सुझावों को शामिल करते हुए एससीपी बनाई जाएगी। इसके लिए टाइम लाइन तय कर दी गई है।
यह भी मिले सुझाव:
अविजीत कुमार रॉय : स्मार्ट सिटी क्लीन और अतिक्रमण मुक्त होनी चाहिए। अनॉथराइज्ड वेंडर को हटाया जाना चाहिए।
पुलकित: रोजगार के अवसर बढ़ाकर स्मार्ट सिटी बनाना चाहिए। भीख मांगने की प्रथा को रोका जाना चाहिए।
विजेता मलिक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अच्छा अभियान शुरू किया है। इससे शहरों में बदलाव आएगा।
अमित कुमार: शहर की सड़कों को चौड़ा करने का तब तक कोई फायदा नहीं, जब तक उनसे अतिक्रमण न हटाया जाए। स्मार्ट सिटी की सड़कें अतिक्रमण मुक्त की जाएं।
इन माध्यम से भी दें सकते हैं सुझाव
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