राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक बन रही एलीवेटेड रोड के निर्माण में जीडीए ने अपनी पूरी मशीनरी झोंक दी है। देश में पहली बार सिंगल पिलर पर बन रही 6 लेन एलीवेटेड रोड को पूरा करने का लक्ष्य मार्च, 2017 रखा गया है लेकिन जीडीए के अधिकारियों का दावा है कि इसे समय से तीन माह पहले इसी साल दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री केइस ड्रीम प्रोजेक्ट को 2017 के चुनाव में कैश कराने से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जीडीए के चीफ इंजीनियर एस सी द्विेदी ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 1147 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर अब तक करीब साढे़ पांच सौ करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
कुल 226 पिलर पर यह रोड खड़ी होगी जिसमें से 174 पिलर बनाए जा चुके हैं। इन पिलरों की ऊंचाई 15 मीटर से लेकर 37 मीटर तक होगी जबकि रोड की लंबाई 10.3 किलोमीटर होगी। लेकिन इसका मुख्य ढांचा 9.3 किलोमीटर का होगा।
निर्धारित लक्ष्य से चार माह पहले निर्माण कार्य को पूरा करने के सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए धन की कोई कमी नहीं है। दो अड़चनें हैं-एक आरओबी और दूसरी बिजली की लाइनें। इनमें से आरओबी को लेकर अब कोई खास दिक्कत नहीं है।
चार दिन पहले रेलवे ने आरओबी के डिजाइन को लेकर अपनी स्वीकृति दे दी है। हालांकि रेलवे के एप्रूवल को लेकर कुछ औपचारिकताएं बची हैं लेकिन एक माह के अंदर यह औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
दूसरी समस्या बिजली की 220 केवी और 132 केवी की पांच लाइनों को लेकर है। ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई को बढ़ाने के बाद यह समस्या भी नहीं रहेगी। इस काम के लिए जीडीए बिजली विभाग को पूर्ण सहयोग देने को तैयार है लेकिन बिजली विभाग से बात अभी बनी नहीं है। इसको लेकर संबंधित उच्च अधिकारियों के बीच बात चल रही है।
देशी तकनीक का इस्तेमाल
प्रोजेक्ट से जुडे़ अभियंताओं ने कहा कि चूंकि देश में पहली बार सिंगल पिलर पर एलीवेटेड रोड तैयार की जा रही है, इससे लोगों को यह लग रहा है कि तकनीक विदेशी होगी लेकिन ऐसी बात नहीं है।
केंद्र सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज की ईपीसी गाइड लाइन पर आधारित तकनीक पर यह निर्माण चल रहा है। इन दिनों 34 मीटर गहरी जमीन में पाइल फाउंडेशन का कार्य चल रहा है।
पिलर गिरने की जांच रिपोर्ट शीघ्र
25 अप्रैल की देर रात एलीवेटेड रोड का पिलर नंबर-192 गिर गया था। पिलर गिरने से दो मजदूर घायल हो गए थे। इसकेमलबे को रातोंरात हटा दिया गया था। इसमें निर्माण एजेंसी नवयुगा कंसल्टेंसी की लापरवाही सामने आई थी। अगले ही दिन जीडीए वीसी ने इस मामले की जांच बैठा दी थी। जीडीए के सचिव रविंद्र गोडबोले ने शनिवार को बताया कि एक सप्ताह में जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।
दिल्ली नहीं होगी दूर
एलीवेटेड रोड के बन जाने से दिल्ली और गाजियाबाद की दूरी काफी घट जाएगी। दिल्ली से मेरठ, देहरादून और सहारनपुर जाने वाले लोगों को मोहननगर के जाम से मुक्ति मिल जाएगी। तब लोेग यूपी गेट से सीधे मेरठ तिराहे का रास्ता तय करेंगे।
राजनगर एक्सटेंशन और उसके आसपास के लोगों के लिए दिल्ली आना-जाना काफी आसान हो जाएगा। वैसे पूरे गाजियाबाद शहर को इसका भरपूर फायदा मिलेगा और कई जगहों पर जाम से भी निजात मिलेगी।