मॉड्यूलर किचन में चिमनी बनाने वाली कंपनियां बाट माप विभाग के निशाने पर आ गई हैं। विभाग ने चार नामी कंपनियों को नोटिस जारी किया है। कंपनियों ने विज्ञापन में यह गलती कि उन्होंने चिमनी का साइज नहीं बताया।
बाट माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश प्रजापति ने बताया कि विधिक माप अधिनियम के तहत कंपनियों को वस्तु का मूल्य बताने के साथ उसकी मात्रा या साइज बताना अनिवार्य होता है। यदि कंपनी ऐसा नहीं करती है तो वह ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर रही है।
चिमनी बनाने वाली चार मल्टी ब्रांडेड कंपनियों ने ऐसा ही किया है। ग्लिन, इलिका, सनफ्लेम और फेबर कंपनियों ने दिवाली पर विज्ञापन दिए हैं। कंपनियाें ने मॉड्यूलर किचन के साथ चिमनी का मूल्य बताया पर उसके साइज को कहीं प्रदर्शित नहीं किया।
उन्हाेंने बताया कि कंपनियों ने एक्ट का उल्लंघन किया है। लिहाजा चारों कंपनियों के डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा।