मोदीनगर। निवाड़ी थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर गंगनहर पटरी की झाड़ियों में लाल सूटकेस में मिले छह वर्षीय बच्चे के शव की शिनाख्त के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया है।
एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि बच्चे की शिनाख्त में मैनुअल इनपुट, सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस के अलावा चिकित्सकों की भी मदद ली जा रही है। शिनाख्त में लगी पुलिस टीमें गाजियाबाद और मेरठ सहित एनसीआर के चिकित्सकों की भी मदद ले रही है। टीमों ने आईएमए से बच्चे की शिनाख्त में मदद मांगी है। बच्चे के बांए हाथ पर प्लास्टर लगा था। पुलिस का मानना है कि बच्चे को प्लास्टर लगाने वाले चिकित्सक शिनाख्त में मददगार साबित हो सकते हैं। इसलिए टीमों का फोकस सर्विलांस व अन्य माध्यमों के साथ-साथ चिकित्सकों पर भी है।
टीमों ने बुधवार को मुरादनगर गंगनहर पटरी मार्ग,दिल्ली-मेरठ मार्ग, आसपास के संपर्क मार्ग पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। मगर करीब 36 घंटे बाद भी पुलिस टीमें खाली हाथ है। पुलिस के लिए बच्चे की शिनाख्त अभी पहेली बना हुआ है। एसीपी ने बताया कि बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।
मुरादनगर पुलिस की गश्त पर उठा सवाल
घटना स्थल बेशक निवाड़ी थाना क्षेत्र में है मगर वहां से मुरादनगर गंगनहर पुलिस चौकी करीब 400 मीटर दूरी पर ही है। जिस स्थान पर सूटकेस में बच्चे का शव फेंका गया वहां जाने के लिए मुरादनगर गंगनहर चौकी से ही होकर ही जाना पड़ेगा। शव दोपहर तीन बजे बरामद हुआ। पुलिस का अनुमान है कि शव आठ से दस घंटे पुराना हो सकता है। अनुमान है कि शव मंगलवार को ही वहां फेंका गया होगा। शव रखे सूटकेस को चलती गाड़ी से फेंकना मुश्किल है। अपराधी ने वहां रुक कर ही सूटकेस फेंका होगा। अपराधी पुलिस चौकी से मात्र कुछ ही दूर शव फेंककर फरार हो गए और पुलिस बेखबर रही। ऐसे में मुरादनगर पुलिस की गश्त सवालों के घेरे में है।