गाजियाबाद। भाई के हत्यारोपियों को अदालत में पहचान से इन्कार करने पर अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दीपक व प्रवीण को बरी कर दिया। लेकिन बयान से मुकरने पर बहन के खिलाफ जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने प्रकीर्णवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पिता की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो चुकी थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि लोनी में 27 मार्च 2013 को पूरण सैनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पूरण ने बताया था कि उनका बेटा प्रवीन (25 वर्ष) 27 मार्च को अपने घर सदरपुर से कार लेकर अपनी बहन गीता के ससुराल बागपत के हिसावदा में होली की कोथली लेकर जा रहा था। उसी समय गांव के प्रवीण और उसका बहनोई दीपक निवासी हाजीपुर बेहटा थाना लोनी प्रवीन की गाड़ी में बैठकर उसकी बेटी के घर गए। प्रवीन बहन के घर से आना नहीं चाह रहा था, लेकिन इन दोनों ने जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर वहां से चले, लेकिन घर नहीं आए।
काफी तलाश करने के बाद गाड़ी हापुड़ नगर कोतवाली में लावारिस में खड़ी मिली। पता चला था कि प्रवीन के एटीएम से मयूर विहार में 25000 रुपये निकाला गया है। पूरण ने आरोप लगाया था कि दीपक और प्रवीण ने उसके बेटे के दुश्मनों से मिलकर उसकी हत्या कर शव गायब कर दिया है। यह भी बताया था कि उनके बेटे पर वर्ष 2010 में थाना मसूरी गाजियाबाद में एक हत्या का मुकदमा मांगेराम कस्बा गढी पुख्ता जिला शामली ने लिखवाया था। पिछली कई तारीखों से जान से मारने की धमकी मिल रही थी। दीपक निवासी हाजीपुर बेहटा के गांव में जिस व्यक्ति की हत्या का आरोप वादी के बेटे पर लगा है, उसकी ससुराल दीपक के गांव में है। पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन प्रवीन की बहन गीता ने पहले दोनों आरोपियों को पहचानना बताया था, लेकिन अदालत में बयान दर्ज कराते समय वह अपने बयान से मुकर गई थी।
राष्ट्रीय उच्च सड़क मार्ग 103 की नाली में घुसा ट्रक और लगता हुआ जाम। स्रोत : संवाद