इस बार कांवड़ यात्रा की निगरानी हैक्साकॉप्टर (ड्रोन) से की जाएगी। पुलिस ने रविवार को डेमो किया लेकिन डेमो में ही तकनीकी टीम को हैक्साकॉप्टर को उड़ाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। हैक्साकॉप्टर को सिग्नल न मिलने की वजह से एसएसपी और डीएम को करीब 10 मिनट इंतजार करना पड़ा।
इसके बाद हैक्साकॉप्टर उड़ तो गया लेकिन उसका मॉनिटरिंग सिस्टम खराब होने के कारण अधिकारी वीडियो फुटेज नहीं देख सके। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कांवड़ यात्रा के दौरान संदिग्धों की मॉनिटरिंग कैसे होगी।
बता दें कि ट्रैफिक पुलिस ने करीब साढ़े नौ लाख रुपये में हैक्साकॉप्टर खरीदा है। यह जीपीएस और पावरफुल कैमरों से लैस है और ढाई किलोमीटर एरिया में 800 मीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है। वायरलेस फ्रीक्वेंसी से संचालित इसके कैमरों से वीडियो और फोटोशूट किए जा सकते हैं।
इसके अलावा एसएसपी ने मेरठ तिराहे पर कांवड़ कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। यहां से दिल्ली-मेरठ रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी। पुलिस के आला अधिकारी, सिविल डिफेंस और प्रशासनिक अधिकारी यहां रहेंगे। कंट्रोल रूम पर एक एंबुलेंस, एक फायर ब्रिगेड और डाक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। इस दौरान अगर किसी कांवड़ियों को परेशानी होती है तो तुरंत उसकी मदद की जाएगी।