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Ghaziabad News: बीमार एंबुलेंस ढो रहीं मरीज...दम तोड़ रहे नियम

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अनिल त्यागी
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गाजियाबाद। मरीजों की जान बचाने का माध्यम बनने वाली एंबुलेंस खुद बीमार हैं। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पंजीकृत जिले की 233 एंबुलेंस में से 118 अनफिट हो चुकी हैं। गंभीर यह कि इनमें बिना किसी रोक-टोक के मरीज ढोए जा रहे हैं और संचालकों की मनमानी से नियम-कायदे दम तोड़ रहे हैं। नियमों की अनदेखी सिर्फ निजी संस्थानों और अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी महकमे भी इसमें शामिल हैं।
कई एंबुलेंस ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस जांच पंजीकरण के बाद दोबारा कराई ही नहीं गई। इनकी फिटनेस अवधि खत्म हुए सालों बीत चुके हैं, फिर भी ये सड़कों पर खुलेआम दौड़ रही हैं। न तो पुलिस और न ही आरटीओ प्रवर्तन स्तर पर इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
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ऑक्सीजन और प्रशिक्षित स्टाफ तक नहीं
जिले में सरकारी, गैरसरकारी और सामाजिक संस्थाओं ने एंबुलेंस तो पंजीकृत करा लीं, लेकिन मानकों के पालन की ओर ध्यान नहीं दे रहे। कई एंबुलेंस में ऑक्सीजन, प्रशिक्षित स्टाफ, जीवनरक्षक दवाएं और आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीज और तीमारदारों की जान खतरे में रहती है। पूर्व सभासद आशीष ने बताया कि एंबुलेंस संचालक मनमाना शुल्क वसूलते हैं। न तो कोई तय दर है और न ही मानकों का पालन किया जा रहा है।

अवैध एंबुलेंस का जमावड़ा
सरकारी और गैरसरकारी अस्पतालों के बाहर अवैध एंबुलेंस का जमावड़ा लगा रहता है। शासन स्तर से लगातार सख्ती के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सिस्टम पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है।

अधिकारी बोले, चलाया जाएगा अभियान
आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा का कहना है कि फिटनेस समाप्त होने से पहले वाहन स्वामी को मैसेज भेजा जाता है। इसको लेकर जल्द अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एंबुलेंस जब्त करने और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
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यह है स्थिति
-सीएमओ के नाम पंजीकृत एक एंबुलेंस की फिटनेस दो सितंबर, दूसरी की 22 सितंबर और तीसरी की 27 अगस्त 2025 को समाप्त हो चुकी है।
-सीबीआई के नाम पंजीकृत एंबुलेंस की फिटनेस 24 मार्च 2016 में खत्म हो गई थी।
-मोदीनगर स्थित जीवन हॉस्पिटल एंड स्टोन सेंटर के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस की फिटनेस 16 अक्तूबर 2025 को समाप्त हो चुकी है।
-मोदी शुगर मिल के नाम दर्ज एंबुलेंस की फिटनेस पांच सितंबर 2025 को खत्म हो चुकी है। यह स्थिति तब है, जब यूके मोदी ग्रुप के स्कूल की बस की फिटनेस न होने के कारण एक बच्चे की जान जा चुकी है। हादसे के बाद भी ग्रुप प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया।
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-यशोदा जैसे बड़े अस्पताल के नाम पंजीकृत एक एंबुलेंस की फिटनेस 29 जून 2021 और दूसरी की 20 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है।

एक एंबुलेंस कंडम हो चुकी है। उसका परिचालन बंद है। अन्य एंबुलेंस की मरम्मत कराने के बाद फिटनेस जांच कराई गई है। पोर्टल से नाम हटवाने के लिए आरटीओ में संपर्क किया गया है।
-आशीष कुमार अग्रवाल, प्रवक्ता, यशोदा अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर


35 वाहन कंडम घोषित हो चुके हैं। उनकी नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही खरीदार आएंगे, उनको बेचा जाएगा। नई एंबुलेंस की व्यवस्था हो चुकी है।
-डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ

(संवाद)
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