गाजियाबाद के विजयनगर के शांतिनगर में बदमाशों ने बुधवार रात कलेक्शन एजेंट को गोली मारकर नोटों से भरा बैग लूट लिया। घटना को अंजाम देकर बदमाश मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कलेक्शन एजेंट को स्थानीय लोगों की मदद से यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई गई है।
बैग में सात लाख रुपये कैश था। बदमाशों की खोजबीन की जा रही है। विजयनगर सेक्टर-9 निवासी रविंद्र पाल (32) मनी ट्रांसफर का काम करता है और खुद ही दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों से कैश कलेक्शन करके बैंक में जमा कराता है। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे रविंद्र पाल कैश कलेक्शन करके घर लौट रहा था।
जैसे ही वह विजयनगर के शांतिनगर में पहुंचा तो पीछे से बाइक पर आए दो बदमाशों ने ओवरटेक करके उसे रोक लिया। रविंद्र पाल कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाशों ने उस पर पिस्टल तान दी। रविंद्र पाल ने लूट का विरोध किया तो बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने उस पर दो गोलियां दाग दीं। लहूलुहान होकर रविंद्र पास सड़क पर गिर पड़ा, जिसके बाद बदमाश नोटों से भरा उसका बैग लूटकर फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई। बदमाशों के जाने पर लोगों ने रविंद्र पाल को घायल देख पुलिस को सूचना दी।
एक गोली कंधे तो दूसरी उंगली में लगी
एसपी सिटी का कहना है कि रविंद्र पाल को नेहरु नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक गोली बायीं तरफ वाले कंधे में और दूसरी उंगली में लगी है। फिलहाल बदमाशों के भागने वाले रूट पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। घटना से साफ जाहिर है कि रेकी के बाद घटना को अंजाम दिया गया है।
सिहानी गेट की तरह हुई घटना, वही बदमाश रडार पर हैं
बीते 24 मार्च को एसआईएस कंपनी के कलेक्शन एजेंट अनूप सिंह से सिहानी गेट क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने सरेराह 4 लाख रुपये लूटने की कोशिश की थी। विरोध करने पर बदमाशों ने एजेंट पर गोलियां चला दी थीं, जिसके बाद एजेंट ने एक क्लीनिक में घुसकर जान बचाई थी। इस घटना को भी रेकी के बाद अंजाम दिया गया था।
घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने करावल नगर दिल्ली निवासी दिनेश व सुंदर को गिरफ्तार किया था, जबकि मुकेश और सोनू फरार हो गए थे। बाद में इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया था। एसपी सिटी का कहना है कि विजयनगर में इसी तरह घटना को अंजाम दिया गया है। साथ ही सिहानी गेट की घटना में गिरफ्तार बदमाश भी जेल से छूट चुके हैं। उन बदमाशों का भी पता लगाया जा रहा है।