माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। श्री सुल्लामल रामलीला में नारद मोह के बाद की लीला का मंचन किया गया। इसमें शिव तपस्या, नल कुबेर श्राप, रावण के भाइयों सहित ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त करना और रावण-वेदवती संवाद का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए मैदान में खासी भीड़ नजर आई। बच्चों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया।
नलकुबेर श्राप प्रस्तुति में दिखाया गया कि एक बार रावण ने अप्सरा रंभा को देखा जो उसके सौतेले भाई कुबेर की वधू थी। रावण रंभा को देखकर कामातुर हो गया और उसके साथ बल प्रयोग कर सतीत्व भंग कर डाला। यह बात नलकुबेर को पता चली तो वह क्रोधित हो गए और उन्होंने रावण को श्राप दे दिया। श्राप के अनुसार, एक महिला को उसकी इच्छा के खिलाफ छूने पर उसके सिर के सौ टुकड़े हो जाएंगे। मंचन के दौरान वेदवती संवाद ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। जंगल में जिस समय रावण ऋषि कन्या वेदवती को देखता है तो वह उसपर मोहित हो जाता है और उसे अपने साथ चलने के लिए विवश करता है। जैसे ही रावण वेदवती को स्पर्श करता है तभी वह ऋषि कन्या रावण को श्राप दे देती है कि मैं स्वर्ग लोक जा रही हूं। अगले जन्म में मैं तेरी ही मृत्यु का कारण बनूंगी। यह कहकर उस ऋषि कन्या ने प्राणों का त्याग किया। लीला स्थल पर प्रमुख रूप से अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार वीरो, उस्ताद अशोक गोयल, दिनेश शर्मा बब्बे, शिव ओम बंसल, संजीव मित्तल, अनिल चौधरी, आलोक गर्ग, राजेंद्र मित्तल, राजेश बंसल, सुबोध गुप्ता आदि मौजूद रहे।