सेक्टर-15 स्थित शिखर एंक्लेव योजना में पजेशन मिलने में अभी एक साल और लग सकता है। योजना का पजेशन 2015 की शुरुआत में होना था, लेकिन अभी भी योजना में फिनिशिंग के अलावा इलेक्ट्रिकल वायरिंग का काम बाकी है।
आवास विकास परिषद ने वर्ष 2009 में वसुंधरा सेक्टर-15 में 216 टू और थ्री बीएचएके फ्लैट की शिखर एंक्लेव योजना लांच की थी। निर्माण के दौरान कई बार ठेकेदारों के बीच विवाद हुआ। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा। ठेकेदारों के बीच विवाद का निपटारा तो हो गया, मगर अब विद्युत खंड के कारण काम अटका है।
सूत्रों की मानें तो विद्युत खंड के पास अभी तक बिल्डिंग की ड्राइंग ही नहीं है। ऐसे में इलेक्ट्रिसिटी वायरिंग कैसे होगी। शिखर एंक्लेव का काम करा रहे अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि जल्द से जल्द योजना का काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा।
मंडोला के अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी
योजना में देरी की शिकायतों पर मुख्यालय से योजना का काम मंडोला सर्किल के अधीक्षण अभियंता को सौंपा गया है, जबकि इससे पहले यह जिम्मेदारी वसुंधरा सर्किल के पास थी। काम में हो रही देरी के कारण मुख्यालय से कई स्थानीय अधिकारियों को लताड़ लगाई गई है।