गाजियाबाद। कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में छोड़ने की राह अभी मुश्किल दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 में आए आदेश के बाद निगम केवल लोनी के मेवला भट्ठी क्षेत्र में शेल्टर होम के लिए जमीन ही चिह्नित कर पाया है। इसकी फाइल लखनऊ मुख्यालय भेजी गई है। इसमें अभी लंबा समय लगना तय है। इसके अलावा निगम अभी तक महज दो एबीसी सेंटर ही खोल पाया है। तीसरे सेंटर की शुरूआत अगले महीने के शुरू में होने का दावा किया जा रहा है।
निगम क्षेत्र में कुत्तों की संख्या बढ़कर अब 70 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद निगम के दो एबीसी सेंटरों पर केवल 35 हजार कुत्तों के बंध्याकरण का काम ही हो सका है। शेष कुत्तों के बंध्याकरण को गति देने का दावा नगर निगम की पशु चिकित्सा विभाग की टीम कर रही है। जबकि, सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 में आए आदेश में कहा गया था कि रेलवे स्टेशन, अस्पताल, स्कूल आदि स्थानों से कुत्तों को हटाया जाना जरूरी है। इनको शेल्टर होम में रखा जाए। इसके बावजूद कुत्तों के बंध्याकरण तक ही कार्रवाई सीमित रही। इसी का नतीजा रहा कि सरकारी अस्पताल, रेलवे स्टेशन से जिन कुत्तों को पकड़ा गया था, वह अब दोबारा से उसी इलाके में पहुंच गए हैं। यानी लोगों की समस्या अब भी जस की तस है। इस बारे में निगम के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि शेल्टर होम के लिए लोनी के मेवला भट्ठी क्षेत्र में सवा चार एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसमें पांच हजार कुत्तों को आश्रय देने की व्यवस्था रहेगी। फिलहाल बंध्याकरण का काम तेजी से चल रहा है। इंदिरापुरम इलाके में 90 फीसदी कुत्तों के बंध्याकरण का काम पूरा हो चुका है। अन्य वार्डाें में रोजाना करीब 70 कुत्तों के बंध्याकरण का काम किया जा रहा है। तीसरा एबीसी सेंटर शुरू होने के बाद रोजाना 100 कुत्तों के बंध्याकरण का काम शुरू हो जाएगा।
-लगातार बढ़ रहे कुत्ते काटने के मामले :
जिले के सरकारी अस्पतालों पर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए आने वाले लोगों के आंकड़े पर गौर करें तो पता चलता है कि जिले में हर दिन 400 लोग कुत्तों काटने का शिकार हो रहे हैं। शुरूआत में कानून का हवाला देकर निगम के अफसर बचते रहे, लेकिन अब सुप्रीम के आदेश के बावजूद भी यह रवैया लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। राजनगर निवासी हर्षवर्धन ने बताया कि अब निगम के पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। कुत्तों पर लगाम लगाने की जरूरत है। जनता परेशान है।