नाहल गांव में रहने वाले उबेद उल्ला का नाम वर्षों पहले आतंकी हमले के दौरान उजागर हुआ था। इसके बाद वह पाकिस्तान भाग गया और इस्लामाबाद में रहने लगा। मौलाना जावेद ने बताया कि वह उबेद उल्ला के संपर्क में है।
इसके साथ शावेज ने सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले का वीडियो और कट्टरपंथियों का विरोध करने वाले का ऐसा हश्र होने की बात लिखकर पाकिस्तान भेजा था। इनके खिलाफ तमाम सुबूत एकत्र कर लिए हैं। शावेज ने पाकिस्तान में बैठे परिचितों को भी वीडियो भेजकर इसे अपने अथक प्रयास का नतीजा बताया था।
अधिवक्ता पासपोर्ट धारक, जावेद बच्चों को देता है तालीम
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आरोपियों में एक पासपोर्ट धारक अधिवक्ता है तो दूसरा मदरसे में बच्चों को धार्मिक तालीम देने वाला शिक्षक। पुलिस का दावा है कि ये सभी कट्टरपंथी विचारधाराओं के प्रचारक हैं।
हालांकि पकड़े गए आरोपियों में से किसी का भी आपराधिक इतिहास नहीं है। मुख्य आरोपी शावेज उर्फ जिहादी (20) अपने पिता अब्दुल कदीर की परचून की दुकान का बाजार से सामान लाने और देखभाल का काम करता है। शावेज अविवाहित है और उसने डासना स्थित रॉयल लॉ कॉलेज में दो वर्ष तक ही लॉ की पढ़ाई की। जुनैद (20) पुत्र सलीम निवासी मोहल्ला बडगुजरान अभी भी एक कॉलेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष में है। वह खेती-बाड़ी का काम करता है।
पकड़ा गया इकराम अली (34) निवासी मोहल्ला भट्टी नाहल गाजियाबाद कोर्ट में वकालत करता है। तीन बच्चों का पिता है। इकराम अली पासपोर्ट धारक है। पकड़े गए फरदीन की उम्र मात्र 18 वर्ष बताई जा रही है। मोहम्मद जावेद पुत्र मोहम्मद अखलाक निवासी मोहल्ला सलोत्रियान नाहल मदरसे में बच्चों को धार्मिक तालीम देता है। फजरू (45) पुत्र दफेदार निवासी मोहल्ला भट्टी नाहल आठवीं पास है और ट्रक ड्राइवरी करता है। फजरू चार बच्चों का दादा है।