गाजियाबाद। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों ने वर्षों से शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर रहे कारोबारी अनुज जैन से मुनाफे का झांसा देकर एक करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने नामचीन वित्तीय सेवा कंपनी के फर्जी एप पर कारोबारी से निवेश कराया। मात्र 41 दिनों में साइबर ठगों ने वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के नीति खंड प्रथम निवासी अनुज जैन के मुताबिक उन्होंने सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम पर एक रील देखी। इस रील में देश की नामचीन वित्तीय सेवा कंपनी इंडिया इन्फोलाइन फाइनेंस लिमिटेड (आईआईएफएल) का विज्ञापन देखा। शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए उन्होंने आईआईएफएल कैपिटल में डीमैट खाता खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। दो जुलाई को उनके मोबाइल पर एक लिंक मिला, जिसमें आईआईएफएल ग्रुप में शामिल होने को कहा गया। इस ग्रुप का नाम वन कोर मेंबर सर्विस ग्रुप था। ग्रुप एडमिन प्रिया देसाई ने मोबाइल पर कॉल कर हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल (एचएचडब्ल्यू) खाता खोलने का कहा। इसमें अधिक मुनाफा होने का झांसा दिया गया। नौ जुलाई को खाता खोला गया और 11 जुलाई 2025 को पहली ट्रांजक्शन 70 हजार रुपये सहित अन्य ट्रांजक्शन किए गए। 11 अगस्त को ऑल टाइम प्लास्टिक नाम से एक आईपीओ जारी किया गया। इसमें पूर्व से अतिरिक्त 11 अगस्त से 21 अगस्त 2025 के बीच अनुज जैन ने 1.05 करोड़ रुपये निवेश किए। कुल धनराशि एक करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये करने के बाद उन्होंने डी-मैट खाते से धनराशि निकालने का प्रयास किया। विफल होने पर उन्होंने ग्रुप एडमिन और अन्य से शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि साइबर ठगों ने धनराशि निकालने की एवज में 1.86 करोड़ रुपये अतिरिक्त धनराशि जमा करने का दबाव डाला। शेयर ट्रेडिंग निवेशक को साइबर ठगी का अहसास हुआ और साइबर थाने में आरोपी साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी ने बताया कि फर्जी एप और बैंक डिटेल आदि पीड़ित ने मुहैया कराई हैं। जांच कर साइबर ठगों का पता लगाया जाएगा।