महापौर अशु वर्मा ने बृहस्पतिवार शिकायत सेल का टेस्ट लिया तो शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की सच्चाई सामने आ गई। महापौर अशु वर्मा ने बृहस्पतिवार को दो घंटे शिकायत सेल में बैठकर ऐसे लोगों को फोन किया जिन्होंने शिकायत दर्ज करायी थीं।
73 लोगों में 9 लोगों की शिकायतों पर काम किए बिना ही फर्जी तरीके से निस्तारण दर्शाया गया पाया गया। कई शिकायतों का आधा-अधूरा निस्तारण किया गया था। महापौर ने सभी विभागाध्यक्षों को शिकायतों का निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
दोपहर करीब 12 बजे महापौर अशु वर्मा खुद ही शिकायत प्रकोष्ठ में पहुंच गए। आईटी विभाग के प्रभारी मुबारक हुसैन से उन्होंने ऑनलाइन मिली शिकायतों का ब्यौरा लिया और शिकायत कर्ताओं के नंबर लेकर खुद फोन किया।
उन्होंने सिटी और कविनगर जोन के 80 शिकायत कर्ताओं को फोन किया, इनमें से 73 लोगों के फोन रिसीव हुए। महापौर ने बताया कि इनमें से 9 लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया था, जबकि कंप्यूटर पर उनकी शिकायतों का निस्तारण दर्शाया गया था।
कई लोगों ने बताया कि उनकी शिकायतों पर आधी-अधूरी कार्रवाई की गई है। समस्या जस की तस बनी हुई है। महापौर अशु वर्मा ने कहा कि 90 फीसदी लोगों की समस्या बहुत छोटी-छोटी है। निगम अधिकारी इन शिकायतों को ईमानदारी से हल करा दें तो नगर निगम 90 फीसदी लोगों को संतुष्ट कर सकता है।
इसके लिए निगम अधिकारियों को गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा न किया जाए कि समस्या हल किए बिना ही उसे निस्तारित दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि वे हर सप्ताह आईटी सेल में बैठकर शिकायतों को क्रॉस चेक करेंगे।