छठवें वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने, सातवें वेतनमान को लागू करने, ग्रेड वेतन 1900 से 2000 करने समेत 18 मांगों को लेकर प्रदेश भर में 19 सितंबर से महाहड़ताल शुरू होने वाली है।
राजकीय वाहन चालक महासंघ, नगर निगम, परिवहन निगम, कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने अनिश्चितकालीन हड़ताल और वाहनों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
राजकीय वाहन चालक महासंघ के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह का कहना है कि उनका संघ 19 सितंबर से ही वाहनों का चक्का जाम कर देगा। इस दौरान सभी सरकारी विभागों में अफसरों की कारें भी नहीं चलाई जाएंगी।
हालांकि एंबुलेंस सेवा इस हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगी। एंबुलेंस सेवा को आंदोलन से मुक्त रखा गया है। उधर नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिंद्र नागर ने बताया कि इस हड़ताल में निगम के सभी विभाग शामिल रहेंगे।
कर्मचारी नेता राकेश अग्निहोत्री, निगम वाहन चालक संघ के महामंत्री सलीम का कहना है कि हड़ताल के दौरान शहर में कूड़ा लिफ्टिंग, सफाई, पानी की आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट का संचालन बंद कर दिया जाएगा।
वहीं कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने बृहस्पतिवार को नगर निगम में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। महा हड़ताल के दौरान रोडवेज बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि प्रदेश स्तर पर सरकार के उच्चाधिकारी यूनियन के पदाधिकारियों से वार्ता कर हड़ताल को टालने का प्रयास कर रहे हैं।