ऑनलाइन कंपनियों से सामान खरीदना अब महंगा पड़ेगा। प्रदेश शासन ने ऑनलाइन कंपनियों की वेबसाइट पर बिक्री होने वाले सामानों पर पांच प्रतिशत टैक्स लगा दिया है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। कंपनियों के डीलर्स को वाणिज्य कर विभाग से सर्विस प्रोवाइडर नंबर (एसपीएन) लेना होगा।
जो ये नंबर नहीं लेगा उस पर विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।अभी तक प्रदेश में ई-कॉमर्स कंपनियां अपने उत्पादों को बिना किसी सरकारी विभाग में रजिस्टर्ड कराए बेच रहीं थी। एडीशनल कमिश्नर आरबी चौधरी ने बताया कि नोटीफिकेशन जारी होने के बाद विभाग को अधिकार मिल गया है कि वह ऑनलाइन कंपनियों से जुर्माना वसूल सके।
गाजियाबाद जोन में जो भी इन कंपनियों का डीलर्स होगा उसे एसपीएन नंबर लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई बिना एसपीएन लिए कंपनियों से माल मंगाकर ग्राहकों को बेचता हुआ पकड़ा जाएगा तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि पांच प्रतिशत टैक्स लगने से स्थानीय स्तर केदुकानदारों को भी फायदा होगा।
साथ ही ग्राहकों के सामने विकल्प होगा कि वह सामान कहीं से भी लें।
वाणिज्य कर विभाग में पैन कार्ड अपडेशन नहीं हो रहे
जीएसटी लागू होने से पहले व्यापारियों का पैन कार्ड अपडेशन जरूरी है। वाणिज्य कर विभाग इस ओर काफी प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद व्यापारी पैन कार्ड को ठीक कराने के लिए विभाग में नहीं आ रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जनपद में करीब 6 हजार से ज्यादा ऐसे व्यापारी हैं, जिन्होंने अपना पैन कार्ड विभाग में गलत फीड करवा रखा है।
शासन ने व्यापारियों को ये सुविधा भी दी है कि वह ऑनलाइन ही अपना पैन कार्ड विभाग की वेबसाइट पर सही कर लें पर फिर भी कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। जीएसटी से पहले यदि पैन कार्ड अपडेट नहीं होगा तो वह सभी जीएसटी प्रणाली से बाहर हो जाएंगे।