गाजियाबाद। कबाड़ अब गंदगी का प्रतीक नहीं, बल्कि शहर की सुंदरता को बढ़ाने का काम करेगा। वेस्ट-टू-बेस्ट की दिशा में काम करते हुए नगर निगम लोहे, एल्युमिनियम, खराब टायर, प्लास्टिक आदि से तरह-तरह की कलाकृतियां बना रहा है। इनको शहर के मुख्य मार्गों और चौराहों पर लगाया जाएगा। फिलहाल घोड़े, निगम का बोर्ड, वेलकम टू गाजियाबाद और अन्य कई प्रकार की कलाकृतियों को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कचरा निस्तारण की शृंखला में निगम लगातार नए-नए प्रयोग कर रहा है। इसी क्रम में कूड़े में आने वाले टायर, एल्युमिनियम, लोहा आदि सामग्री को अलग-अलग किया जा रहा है। इसके लिए निगम ने एमएस ग्रुप को जिम्मेदारी दी है। अभी 50 किलो की घोड़े की कलाकृति, लगभग 500 किलो की मेक-इन-इंडिया की कलाकृति, लगभग 500 किलो की आई-लव गाजियाबाद, लगभग 400 किलो की वेलकम-टू गाजियाबाद की कलाकृति को बनाया गया है।
शहर में इनको किन स्थानों पर लगाया जाएगा, इसके लिए निगम की टीम सर्वे कर रही है। इसके पीछे यही उद्देश्य है कि लोगों में वेस्ट को लेकर नई जागरूकता आए। वह अपने घरों से निकलने वाली खराब चीजों को उपयोगी बनाकर पर्यावरण के हितैषी बनें, इससे दोहरा लाभ होगा। जो सामाजिक संस्थाएं, एओए इस दिशा में काम कर रही हैं, उनके प्रयास की भी सराहना है।