गाजियाबाद। भादो के महीने में बृहस्पतिवार को बारिश की सावन जैसी झड़ी लग गई। कभी रिमझिम तो कभी झमाझम...दिनभर यही सिलसिला चलता रहा। सुबह से शाम तक 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन दिनों में यह सामान्य से पांच गुना है। लगातार बारिश ने सर्दी का अहसास करा दिया। अधिकतम तापमान 32 से पांच डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर 27 और न्यूनतम 23 से तीन डिग्री गिरकर 20 पर आ गया।
यह लगातार दूसरा दिन था जब लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं हुए। हालांकि, बुधवार को स्थिति थोड़ी अलग थी। दोपहर तक बारिश हुई थी लेकिन शाम को थम गई थी। लगातार बारिश ने लोगों को परेशान भी खूब किया। सड़कें पानी से लबालब हो गईं। ट्रैफिक का पहिया जाम रहा। लाइनों में फाॅल्ट आने से कई जगह 12 घंटे तक बिजली गुल रही। शुक्रवार को बारिश होने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही ने बताया कि शुक्रवार को बारिश होगी लेकिन दिन में धूप भी निकलेगी। शनिवार को मौसम साफ रह सकता है। इसके बाद अगले एक सप्ताह तक मौसम में ज्यादा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश होने की स्थिति नहीं बन रही है।
खेती : धान की फसल को फायदा
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि इस वक्त धान की फसल का ब्यांत अर्थात विकास हो रहा है। ऐसे मौसम में तापमान का नीचे गिरना और बारिश होना धान के लिए फायदेमंद है। मौसम का रुख ऐसे ही बना रहेगा तो धान की पैदावार बेहतर होगी। सब्जी को छोड़कर अन्य सभी फसलों के लिए इस वक्त की बारिश बेहद फायदेमंद है।
सड़कें : और गहरे हो गए गड्ढे
शहर की बदहाल सड़कों के जख्म बारिश में उभरकर सामने आ रहे हैं। पहले से जर्जर सड़कों की हालत और ज्यादा खराब हो गई है। सबसे बुरा हाल औद्योगिक सेक्टरों की सड़कों का है। यहां सड़कों में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनमें बारिश का पानी जमा होने से हादसों का खतरा मंडरा रहा है। विवेकानंद नगर फ्लाईओवर से बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का हाल बेहद खराब हो गया है। मैनापुर, दुहाई रोड, मेरठ रोड और आनंद औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब है।
बिजली : दिनभर लगे झटके
बारिश से कहीं लाइन में फाल्ट आ गया तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे लोगों को दिनभर बिजली के झटके झेलने पड़े। कहीं बिजली आती और जाती रही तो कहीं लगातार कई घंटे गुल रही। शहरी क्षेत्र में नेहरूनगर, लोहियानगर, पटेलनगर, विजयनगर, प्रताप विहार, अकबरपुर बहरामपुर, नंदग्राम, आदर्श नगर, घूकना, साईं एंक्लेव, आकाश नगर, बसंत कुंज, गुलधर और बोंझा में तीन से चार घंटे कटौती की गई। मसूरी में बुधवार की रात दो बजे से लगातार 12 घंटे लोगों ने परेशानी झेली। सुबह लोगों को पानी भी नहीं मिला।
ट्रेनें : ट्रैक पर पानी भरने से परेशानी
बारिश की वजह से ट्रैक पर पानी भर जाने से ट्रेनें देरी से चलीं। गाजियाबाद मेमू का समय सुबह आठ बजकर 40 मिनट है लेकिन, यह 11 बजकर 10 मिनट के बाद पहुंची। सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस पौने आठ घंटे, गोमती एक्सप्रेस एक घंटे 35 मिनट, कैफियत सुपरफास्ट एक्सप्रेस पांच घंटे, नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस दो घंटे 10 मिनट, नई दिल्ली सुपरफास्ट दो घंटे 10 मिनट, पलवल गाजियाबाद ईएमयू सवा घंटे, अवध असम एक्सप्रेस सवा चार घंटे देरी से आई। नॉर्दर्न रेलवे के प्रवक्ता सुधांशु शेखर ने बताया कि बारिश के कारण कई जगह ट्रैक पर पानी भरने और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण रेल संचालन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।