साहिबाबाद। नाबालिग की अपहरण के बाद हत्या के दोषी यू-ट्यूबर सलीम वास्तिक का 44 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बुधवार को तेजी से वायरल हुआ। उसमें सलीम ने समुदाय विशेष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने समुदाय के लोगों को तरक्की के रास्ते पर ले जाऊंगा। उधर, स्थानीय अधिकारियों ने जमानत या जेल से छूटने की जानकारी से इंकार किया है। वहीं, अमर उजाला भी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
दरअसल, दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने 1195 में व्यापारी के बेटे संदीप बंसल (13) अपहरण और हत्या के मामले में दोषी यूट्यूबर सलीम वास्तिक 24 अप्रैल की रात लोनी से गिरफ्तार किया था। साल 1997 में अदालत ने दोषी मानते हुए सलीम खान और उसके साथी अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय से वर्ष 2000 में अंतरिम जमानत मिलने के बाद सलीम भागा हुआ था।
यह है वायरल वीडियो...
वायरल वीडियों में सलीम ने समुदाय विशेष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जगह देख लो, कौन सी है। तिहाड़ जेल के बाहर की... मैं बाहर आ गया हूं। तुम लोगों का टाइम आ गया है कमर कसने का, तुम लोगों की प्लानिंग को मैं खत्म करूंगा। मैं मुस्लमानों को पढ़ाई और तरक्की की तरफ लेकर जाऊंगा। तुम लोग मुस्लमानों को जिहादी बना रहे हो। उन लोगों को तरक्की के रास्ते पर ले जाऊंगा। मेरा खुला चैलेंज है जो कर सकते हो कर लो, जय हिंद। स्थानीय अधिकारियों ने जमानत या जेल से छूटने की जानकारी होने से इंकार किया है।
ऐसे चर्चा में आया था यूट्यूबर सलीम वास्तिक
सलीम वास्तविक ने यूट्यूब चैनल शुरू करने के बाद इस्माम धर्म और उसकी रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों के खिलाफ कई वीडियो अपने चैनल पर प्रसारित किए। पहलगाम हमले का विरोध और ऑपरेशन सिंदूर की सराहना भी की। इसके बाद 27 फरवरी 2026 को लोनी स्थित उसके कार्यालय पर जीशान और गुलफाम नामक दो व्यक्तियों ने चाकू से जानलेवा हमला किया और गर्दन व पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद से ही सलीम वास्तविक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नाम बन गया। 1 मार्च 2026 को पहली मुठभेड़ में, यूपी एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जीशान को लोनी में हुई मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। वहीं 3 मार्च 2026 को दूसरा आरोपी गुलफाम इंदिरापुरम के वसुंधरा इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारा गया।