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कैराना पलायन पर आमने-सामने आए संत, आचार्य प्रमोद की सुरक्षा बढ़ी

Sun, 26 Jun 2016 01:41 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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कैराना पलायन प्रकरण में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपने वाले संतों को धमकी दिए जाने के मामले में हालांकि पुलिस की जांच एफआईआर दर्ज करने से आगे नहीं बढ़ी है, लेकिन इस मामले को लेकर दोनों ही पक्ष आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का अपनी रिपोर्ट को सही ठहराते हुए कहना है कि यह किस तरह का हिंदुत्व है, जो संत महात्माओं को गालियां देता है। यह वह विचारधारा है, जिसकी वजह से महात्मा गांधी की हत्या की गई थी।

कैराना के मुद्दे का सियासी फायदा उठाने के लिए देश को दंगे की आग में नहीं झोंका जा सकता है। सच बोलने के लिए अगर शहीद होना पड़ेगा तो वह बलिदान देने को भी तैयार हैं।
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दूसरी तरफ, अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक और डासना देवी मंदिर के महंत नरसिंहानंद सरस्वती ने धमकी दिए जाने से स्पष्ट इंकार करते हुए कहा है कि प्रमोद कृष्णम, चक्रपाणी महाराज और कल्याण देव से उनकी फोन पर बात हुई थी, लेकिन इसमें जान से मारने की या किसी भी प्रकार की धमकी नहीं दी गई थी। 

पुलिस ने बढ़ाई आचार्य प्रमोद कृष्णम की सुरक्षा

- फोटो : अमर उजाला
संतगण यह सब सस्ती लोकप्रियता के चक्कर में कर रहे हैं। इनकी जांच रिपोर्ट को जनता ने नकार दिया है, इसलिए यह ड्रामा कर रहे हैं। इनकी इस हरकत से संत समाज कलंकित हो रहा है।

पुलिस ने भारतीय संत समिति के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम के घर की सुरक्षा बढ़ा दी है। साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में आचार्य प्रमोद कृष्णम का आवास है। उन्हें घर से बाहर जाने से पहले पुलिस को सूचना देनी होगी।

उनकी सुरक्षा में दो पीसीआर तैनात की गई हैं। एसएचओ साहिबाबाद ने बताया है कि आचार्य शुक्रवार रात को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से राजेंद्र नगर स्थित घर पहुंचे थे। उन्हें धमकियां मिल रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है।

 
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फोन पर दी गई चक्रपाणी महाराज को धमकी

अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणी महाराज ने बताया कि उन्हें भी फोन पर धमकी दी गई थी। धमकी देने वाला खुद को नरसिंहानंद सरस्वती बता रहा था। कह रहा था कि चाहे कितनी भी सुरक्षा में रहो, तुम्हें बम से उड़ा देंगे।

यह है मामला : शुक्रवार रात नगर कोतवाली में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कैराना पलायन प्रकरण की जांच के लिए उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नियुक्त किया था, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपकर शुक्रवार शाम वह चक्रपाणी महाराज और स्वामी कल्याण देव के साथ शताब्दी एक्सप्रेस से लखनऊ से गाजियाबाद लौट रहे थे।

अलीगढ़ के पास शाम 5:34 बजे स्वामी कल्याण देव के फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके (आचार्य प्रमोद कृष्णम) मोबाइल पर 6:14 बजे कॉल आई। फोन करने वाले ने उन्हें भी गालियां दीं और कैराना रिपोर्ट का विरोध करते हुए बम से उड़ाने की धमकी दी। 
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