विदेश में नौकरी के लालच में कई भारतीय सऊदी अरब के अलकोबर शहर में फंसे हुए हैं। इनमें एक व्यक्ति बिहार का भी है। इस व्यक्ति ने अपने परिजनों को व्हाट्स एप के जरिए वीडियो क्लिप भेजी है।
इसमें बताया गया है कि कंपनी प्रबंधकों ने न केवल उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं, बल्कि उन्हें वेतन भी नहीं दिया जा रहा। पीड़ित युवकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई गई है कि किसी तरह से उन्हें वहां से निकाला जाए।
लोनी की राहुल गार्डन कालोनी निवासी संजय ने बताया कि उनके ससुर मुकुल ध्रुव मूलरूप से बिहार में सिवान के गांव छाता के रहने वाले हैं। वह राज मिस्त्री का काम करते हैं। दो वर्ष पहले सऊदी अरब की कंपनी साद ग्रुप ने उन्हें प्रतिमाह 20 हजार रुपये के वेतन पर काम करने के लिए बुलाया।
कंपनी ने बंद की सारी सुविधाएं
सऊदी में बंधक भारतीय
- फोटो : अमर उजाला
पहले कंपनी उन्हें समय से वेतन दे रही थी, लेकिन पिछले छह माह से उन्हें वेतन, मेडिकल आदि की सुविधाएं देना बंद कर दिया गया है। यह सारी बातें उसके ससुर द्वारा एक वीडियो क्लिप के माध्यम से उनके व्हाट्स एप पर भेजी गई हैं।
क्लिप में यह भी बताया गया है कि उनकी कंपनी में काम करने वाला प्रत्येक भारतीय मजदूर ऐसी ही स्थिति में है। कंपनी संचालकों के खिलाफ भारतीय मजदूर धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुकुल ध्रुव ने धरने का एक वीडियो भी बनाकर परिजनों को भेजा है।
इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सभी मजदूर अपील कर रहे हैं कि किसी प्रकार उन्हें वापस भारत बुला लिया जाए। संजय ने बताया कि फिलहाल खाने के लिए वह यहां से अपने ससुर के एकाउंट में पैसे डलवा रहे हैं।
सोमवार को जंतर-मंतर पर जुटेंगे परिजन, दिखाएंगे वीडियो: सोमवार को सऊदी अरब में फंसे भारतीय मजदूरों के परिजन दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर जुटेंगे। जहां परिजन बड़ी स्क्रीन पर सऊदी से भेजी गई वीडियो दिखाएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सऊदी अरब में फंसे लोगों को भारत लाने की मांग करेंगे।