गाजियाबाद। वेतन वृद्धि और राज्य कर्मचारी संघ का दर्जा देने की मांग कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। सुबह धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया तो दोपहर बाद हापुड़ रोड को एक घंटे तक जाम रखा।
पुलिस ने उन्हें समझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान धरना दे रहीं तीन महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल भेजा गया। होश आने पर उन्हें घर भेज दिया गया। मांगों पर अड़ी कार्यकत्रियां दो सितंबर से धरना प्रदर्शन कर रही हैं।
मांगें पूरी न होने तक कार्यकत्रियों ने किसी भी तरह की राष्ट्रीय योजना में सहयोग न देने की घोषणा कर रखी है। इसी के अंतर्गत उन्होंने रविवार को बीएलओ बूथ पर पहुंचने अथवा पोलिया अभियान की ड्यूटी का विरोध किया।
सुबह दस बजे से ही जिले की करीब 600 कार्यकत्री जिला मुख्यालय पहुंच गईं और शासन- प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना देने लगीं। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कलक्ट्रेट और पुलिस ऑफिस के सामने हापुड़ रोड पर खड़ी हो गईं और जाम लगा दिया।
इससे दोनों तरफ हापुड़ चुंगी और पुराने बस अड्डे तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जाम में एक एंबुलेंस भी करीब आधे घंटे तक फंसी रही। जाम की सूचना कविनगर, महिला थाना और सिहानी गेट पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं को समझाया, उनकी मांगे शासन तक पहुंचाने का वादा कर जाम खुलवाया। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट बीडी यादव का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांगें जल्द ही शासन तक पहुंचा दी जाएंगी।