गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर बदमाशों ने लड़की लापता होने का बहाना बनाकर स्क्रैप कारोबारी की थार कार रुकवाई और 24.85 लाख रुपये लूट लिए। वेव सिटी थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम हुई वारदात को दो कारों से आए सात-आठ बदमाशों ने हथियारों के बल पर अंजाम दिया। विरोध करने पर कारोबारी के तहेरे भाई को पिस्टल की बट मारकर घायल कर दिया। इसके बाद बदमाश गोली मारने की धमकी देते हुए रुपयों से भरा बैग लेकर दिल्ली की ओर भाग गए।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कारें बरामद कर ली हैं। शुरुआती जांच के बाद तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य आरोपी मेरठ का रहने वाला है और हत्या के मामले में 10 साल की सजा काटकर कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था।
पहले रुकने का इशारा किया, फिर आगे लगा दी कार
मेरठ के लोहियानगर निवासी गिलमान स्क्रैप कारोबारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम अपने ताऊ के बेटे शमद और मामा सलीम के साथ थार से दिल्ली के जाफराबाद जा रहे थे। उन्हें अपने बिजनेस पार्टनर को 24.85 लाख रुपये देने थे, जो उन्होंने हाल में बैंक से निकाले थे। करीब साढ़े सात बजे वह वेवसिटी के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने डीएमई पर पहुंचे, तभी स्कॉर्पियो सवार कुछ लोगों ने रुकने का इशारा किया। कार की रफ्तार कम होते ही आरोपियों ने स्कॉर्पियो आगे लगा दी। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार भी वहां पहुंच गई।
दोनों कारों से सात-आठ लोग उतर आए। गिलमान ने जैसे ही खिड़की का शीशा खोला तो आवाज आई कि उनकी लड़की लापता है, जो गिलमान की कार में है। इसपर गिलमान ने कहा कि वह देख सकते हैं। इसके बाद आरोपी उनको डराने-धमकाने लगे और रुपयों से भरा बैग अपने कब्जे में ले लिया।
शमद ने विरोध किया तो एक बदमाश ने पिस्टल की बट मारकर उसको घायल कर दिया। साथ ही गोली मारने की धमकी दी। हथियारों के डर से तीनों पीछे हट गए। इसके बाद आरोपी बैग लेकर भाग गए।
सीसीटीवी फुटेज से कारों की पहचान
एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि गिलमान की शिकायत पर डकैती की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। डीएमई पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से वारदात में इस्तेमाल कारों की पहचान की गई। कार नंबरों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। इस दौरान तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध मिली, जिनसे पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश जारी है।
तीन महीने से रखे थे नजर, हवाला की रकम समझकर की वारदात
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने करीब तीन महीने तक गिलमान की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस को आशंका है कि उसे कारोबारी के रुपये लेकर आने-जाने की जानकारी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को जानकारी थी कि गिलमान हवाला की रकम लेकर जा रहे हैं और वारदात के बाद पुलिस को सूचना नहीं दी जाएगी। पुलिस कारोबारी के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मुख्य आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए गाजियाबाद के एक ही परिवार के सात लोगों को साथ लिया था। इनमें से एक के खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में करीब 10 मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी की गतिविधियों और रकम की जानकारी बदमाशों तक कैसे पहुंची।