लंबे समय से धोबीघाट आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) निर्माण की आस लगाए लाइनपार क्षेत्र के लाखों निवासियों के लिए खुशखबरी है। आगामी 17 अप्रैल को धोबीघाट आरओबी निर्माण की प्रक्रिया फाइलों से निकलकर धरातल पर उतरेगी।
आरओबी निर्माण के लिए रेलवे सेतु निगम की एनओसी के लिए फाइल काफी समय से लंबित थी। इसके चलते निर्माण कार्य अटका था। मंगलवार को भाजपा नेता नीरज सिंह ने रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से धोबीघाट आरओबी निर्माण के संबंध में बैठक की। बैठक में एनओसी जारी करते हुए 17 अप्रैल का दिन शिलान्यास के लिए तय किया गया।
शहर और लाइनपार क्षेत्र के विजयनगर, प्रतापविहार के बीच सीधी कनेक्टिविटी के लिहाज से धोबीघाट आरओबी बेहद महत्वपूर्ण है। बीते कई वर्षों से लाइनपार क्षेत्र के लोग आरओबी निर्माण की डिमांड कर रहे थे। जीडीए और रेलवे के बीच निर्माण लागत पर सहमति न बनने के कारण इसका निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था।
बीते वर्ष शहर सांसद और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के प्रयासों से जीडीए और रेलवे धोबीघाट आरओबी के लिए आधी-आधी फंडिंग देने पर राजी हुए थे। इसके बाद रेलवे ने आरओबी की डिजाइन और एलाइनमेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। बीते वर्ष रेलवे ने धोबीघाट आरओबी का काम शुरू करने के लिए पत्र भेजकर जीडीए से 45 करोड़ रुपये की डिमांड की थी।
अवस्थापना निधि से इस फंड को देने की मंजूरी भी मिल गई है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक रेलवे को डिमांड के अनुसार फंड दिया जाएगा। आरओबी निर्माण रेलवे ही करेगा।
मंगलवार को रेल राज्यमंत्री से मिलने गए भाजपा नेताओं ने एनओसी के कारण निर्माण लंबित होने की जानकारी दी।
बैठक में मौजूद रेल सेतु निगम के अधिकारियों ने फाइल को एनओसी जारी कर दी। इसके बाद शिलान्यास के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल में से किसी एक दिन शिलान्यास करने का प्रस्ताव रखा गया। 17 अप्रैल को रविवार होने के कारण इसे शिलान्यास के लिए फाइनल कर दिया गया।
भाजपा नेता नीरज सिंह ने बताया कि रेल राज्यमंत्री ने 17 अप्रैल का दिन धोबीघाट आरओबी के शिलान्यास के लिए तय किया है। रेल राज्यमंत्री गाजियाबाद आकर आरओबी निर्माण को हरी झंडी दिखाएंगे। यह विकास की शुरुआत है। लाइनपार क्षेत्र के माथे पर लगे पिछड़ेपन का ठीकरा हटाकर इसको चांदनी चौक बनाया जाएगा।