कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद से मेरठ आने-जाने वाली बसों का एक बार फिर रूट डायवर्ट कर दिया गया है। पहले इन बसों को गाजियाबाद से मोदीनगर की बजाय वाया हापुड़ चलाया गया, अब इस रूट के भी बंद हो जाने से इन बसों को वाया किठौर मेरठ भेजा जा रहा है। किठौर के रास्ते सफर लंबा हो जाने के कारण किराए में भी दोबारा बढ़ोतरी कर दी गई है।
अब गाजियाबाद से मेरठ का किराया 89 रुपये वसूला जा रहा है। वहीं सफर लंबा हो जाने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
24 जुलाई से रोडवेज बसों का रूट परिवर्तित कर दिया गया था। गाजियाबाद से मेरठ जाने वाली बसों को वाया डासना-मसूरी-हापुड़ होकर मेरठ भेजा जा रहा था।
हापुड़-मेरठ रूट पर भी कांवड़ियों की संख्या बढ़ जाने की वजह से बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। अब रोडवेज बसों को हापुड़ से आगे से किठौर की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। ऐसे में इन बसों का सफर करीब 20 किलोमीटर और लंबा हो गया है। गाजियाबाद से मोदीनगर के रास्ते मेरठ का किराया 46 रुपये था।
रूट डायवर्जन के बाद बसों का संचालन हापुड़ के रास्ते हुआ तो यह किराया बढ़कर 72 रुपये हो गया, लेकिन अब एक बार फिर रूट बदलने से गाजियाबाद से मेरठ का किराया 89 रुपये हो गया है। वहीं हरिद्वार और देहरादून की बसें भी इसी रूट से संचालित की जा रही हैं। इनका किराया भी अब बढ़ गया है।
रोडवेज एआरएम आरसी सुखीजा का कहना है कि अब एक अगस्त तक किठौर के रास्ते ही बसों का संचालन किया जाएगा। उनका कहना है कि रूट डायवर्जन के कारण रोडवेज को घाटा उठाना पड़ रहा है।
एनएच-24 पर जाम में फंस रहीं बसें
एनएच-58 पर रूट डायवर्जन के बाद ट्रैफिक का सारा लोड एनएच-24 पर आ गया है। इसकी वजह से इस हाईवे पर भी जाम लगने लगा है। शनिवार को भी लालकुआं, मसूरी, विजयनगर, यूपी गेट क्षेत्र में जाम रहा। वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।