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Ghaziabad News: निजी बसों और व्यावसायिक वाहनों का अड्डा बनीं सड़कें, जाम से बढ़ी परेशानी

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अमर उजाला पड़ताल
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गाजियाबाद। शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर निजी टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों और भारी व्यावसायिक वाहन चालकों की मनमानी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। निर्धारित पार्किंग स्थल या निजी डिपो के अभाव में बसें और अन्य व्यावसायिक वाहन मुख्य मार्गों पर ही खड़े किए जा रहे हैं। इससे सड़कें अनधिकृत पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई हैं। वाहनों के खड़े होने से सड़क की चौड़ाई आधी से भी कम रह जाती है और कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। राहगीरों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सीन एक- संजयनगर : सड़कों पर खड़ी निजी बसें बन रहीं जाम का कारण
संजयनगर मुख्य मार्ग पर दर्जनों निजी बसें सड़क के दोनों ओर कतार में खड़ी रहती हैं। यह इलाका आबादी वाला होने के साथ संजयनगर अस्पताल और स्कूल का मुख्य संपर्क मार्ग भी है। सुबह स्कूल बसों, एंबुलेंस और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों की आवाजाही के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। स्थानीय निवासी रमेश तोमर का कहना है कि शाम ढलते ही सड़क के दोनों ओर निजी बसों की कतार लग जाती है। इससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है।
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सीन दो- बसंत चौक : आड़े-तिरछे खड़े वाहन दे रहे हादसों को न्योता
बसंत चौक का हाल भी खराब है। चौराहे के ठीक मुहाने पर बसें और कैब आड़े-तिरछे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे मोड़ पर आने वाले वाहनों को सामने का रास्ता दिखाई नहीं देता। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। चौराहे के आसपास दुकानों के सामने बसें खड़ी रहने से दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी कल्लू ने बताया कि सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से रोज शाम जाम जैसी स्थिति बन जाती है।

सीन तीन- बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र : भारी ट्रकों के आगे सिस्टम लाचार
बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र की चौड़ी सड़कों पर फैक्टरियों में माल उतारने-चढ़ाने वाले भारी ट्रक और निजी ट्रेवल्स की स्लीपर बसें 24 घंटे खड़ी रहती हैं। शाम के समय फैक्टरियों से हजारों कर्मचारी साइकिल और दोपहिया वाहनों से निकलते हैं। उस समय स्थिति और बिगड़ जाती है। संकरी हो चुकी सड़क पर भारी वाहनों के बीच से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा हो जाता है।
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नियम-कानून ताक पर, जिम्मेदार खामोश
यातायात नियमों के अनुसार मुख्य मार्ग पर वाणिज्यिक वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित है। इसके बावजूद ट्रेवल्स संचालक मुख्य मार्गों पर ही बसें खड़ी कर बुकिंग और संचालन कर रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग सब कुछ जानने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

सड़क किनारे खड़े वाहनों पर समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही टीम बनाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सियाराम वर्मा, आरटीओ प्रवर्तन
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