गाजियाबाद। स्वाइन फ्लू का प्रभाव कम होने के बाद जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले चिंता बढ़ाने लगे हैं। संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में 10 साल के बच्चे समेत डेंगू के चार मरीज भर्ती हैं। जिले में इस वर्ष अब तक डेंगू के 67 मरीज मिल चुके हैं, जबकि मलेरिया के मामलों की संख्या भी बढ़कर 25 हो गई है।
वहीं, सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, सिरदर्द और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में बुखार से पीड़ित 323 मरीज पहुंचे। इनमें शून्य से 15 वर्ष तक की आयु के 38 बच्चे और 15 वर्ष से अधिक आयु के 285 मरीज शामिल हैं।
डेंगू वार्ड में तीन, पीडियाट्रिक में एक मरीज भर्ती
संयुक्त जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में मोरटी निवासी 40 वर्षीय महिला, सरस्वती विहार निवासी 42 वर्षीय पुरुष और सिहानी गेट निवासी 20 वर्षीय युवक भर्ती हैं। इसके अलावा पीडियाट्रिक वार्ड में 10 साल के बच्चे का उपचार चल रहा है। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि फिलहाल डेंगू का प्रभाव बहुत अधिक नहीं है। डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर चकत्ते और आंखों के पीछे दर्द शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
पिछले साल मिले थे 343 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में डेंगू के 196 मरीज मिले थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 343 हो गई थी। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डेंगू से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर की हर सप्ताह सफाई करें और उसमें मच्छरों को पनपने से रोकें। दिन में भी मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करें। बुखार, सिरदर्द या बदन दर्द होने पर खुद दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।