गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने मनी लॉन्डि्रंग के केस में फंसने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत्त अध्यापक आशा कपूर से 35 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले में उन्होंने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
शालीमार गार्डन निवासी आशा कपूर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पास 20 नवंबर को एक अनजान नंबर से कॉल आई कॉल करने वाले ने कहा कि दो घंटे में आपका फोन बंद कर दिया जाएगा। आपके खिलाफ 143 शिकायतें है। आइसीआइसीआई बैंक में तीन करोड़ रुपये का घोटाला पूजा महात्रे ने किया है और उसने आपको 10 प्रतिशत कमीशन दिया है। हमारे पास आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है। आपको मुंबई पुलिस के ऑफिस आना होगा, अन्यथा दिल्ली पुलिस पकड़कर लाएगी। यह सुनकर वह डर गईं।
इसके बाद ठग ने जांच अधिकारी से बात करने की बात कही और उन्हें जेल जाने से बचाने की बात बताई। ठग के दूसरे साथी संजय ने उनसे फोन पर बातचीत की और बैंक खाता और आधार कार्ड की जानकारी ले ली। 21 नवंबर को सुबह विजयन नाम के युवक का वीडियो कॉल आया। जिसने आशा को बैंक पहुंचकर खाते की राशि उसके बताए गए खाते में डालने के लिए कहा। इसके बाद आशा अपने बैंक पहुंची और आरटीजीएस के माध्यम से साइबर ठगों द्वारा बताए विजनेश मुर्थु, बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा जयानगर में 35 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
सेवानिवृत्त कर्मचारी को लगाया 18 लाख का चूना
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर मास्टर ट्रस्ट सर्विसेज की महिला व्यवस्थापक और उसके साथी ने कृषि विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी से 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुष्कर राज निवासी इंदिरापुरम ने बताया कि अक्तूबर माह में अनीता नाम की महिला का कॉल आया था। उन्होंने बताया कि उनके समूह मास्टर ट्रस्ट सर्विसेज आपको लाभ करा सकता है। शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए गए। डी-मैट खाते से रुपये निकालने की एवज में भी धनराशि ट्रांसफर कराई गई। पीड़ित ने बताया कि करीब 20 दिनों में 18 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगे 12.30 लाख
साइबर ठगों ने साहिबाबाद के राजेंद्र नगर निवासी कारोबारी रवि कुमार उपाध्याय पर शेयर ट्रेडिंग में 600 प्रतिशत लाभ देने का लालच देकर 12.30 लाख रुपये ठग लिए। रवि ने बताया कि नौ अक्तूबर को साइबर ठगों ने कॉल कर एक समूह में ट्रेडिंग योजना से जोड़ा। समूह का नाम नियोट्रेडर क्लब था। आरोही शर्मा नाम की एक महिला ने विश्लेषण डाटा साझा किया। 18 अक्तूबर को आरोही ने अच्छे रिटर्न का झांसा देकर धनराशि जमा कराई। पीड़ित ने बताया कि आईपीओ, ओटीसी राशि लॉक होने से बचने, फंड को वापस पाने जैसे बहानों से अलग-अलग बैंक खातों में धनराशि जमा कराई गई। रवि कुमार का आरोप है कि साइबर ठगों ने 12 लाख 30 हजार रुपये की ठगी की है।
पेशनर्स महिला अध्यापक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की गई है। अन्य दो से भी लाखों की ठगी हुई है, तीनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बैंकों से संपर्क कर ठगी गई धनराशि फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। - सचिदानंद, एडीसीपी अपराध