लोकतंत्र के महापर्व पर महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। बुजुर्ग हो या युवा, सभी मतदान केंद्रों पर पहुंचे और देश एवं समाज के निर्माण की दिशा में अपना योगदान दिया। अपने हक का प्रयोग किया। गाजियाबाद की पांचों विधानसभा पर महिलाओं का वोट यहां के चुनाव की दिशा तय करने वाला है।
पांचों विधानसभा पर करीब साढ़े 11 लाख महिला मतदाताओं में से बड़ी संख्या में मिहलाओं ने ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। अधिकतर महिलाओं ने जाति धर्म के मुद्दों से ऊपर उठकर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर वोट दिया। ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरी क्षेत्रों में भी हर बूथ पर महिलाओं की भी लंबी लाइन दिखी। कुल वोट का चालीस फीसदी वोट महिलाओं का है।
शनिवार को पोलिंग बूथों पर महिलाओं की उत्साहपूर्वक स्थिति कुछ यही बयान कर रही थी। हर बूथ पर महिलाओं की भारी उपस्थिति दिखी। कवि नगर निवासी विनीता अपने बच्चे के साथ वोट डालने आई थीं। उन्होंने कहा कि वोट का प्रयोग करना बेहद जरूरी है, समाज निर्माण में हमारी राय भी मायने रखती है।
वसुंधरा निवासी आभा ने कहा कि यूं तो हर मुद्दा महिलाओं से जुड़ा होता है लेकिन महिला सुरक्षा का मुद्दा सबसे अहम है। सभी पार्टियां और प्रत्याशी महिला सुरक्षा के वादे करते तो हैं लेकिन अमल में नहीं आ पाता है।