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Ghaziabad News: बढ़े गृहकर में मिली राहत से असंतुष्ट शहरवासी, पुरानी दरों की दरकार

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गृह कर वृद्धि पर मंथन करते संघर्ष समिति के लोग। संवाद
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गाजियाबाद। नगर निगम ने गृहस्वामियों को बढ़े हुए कर से भले ही कुछ राहत दे दी हो, लेकिन शहरवासी इससे संतुष्ट नहीं है। आम लोगों से लेकर उद्यमियों, व्यापारियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने असंतोष जताया है।
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शनिवार को महापौर और नगर आयुक्त ने गृहकर की बढ़ी हुई दरों को कम करने की जानकारी दी थी। इसमें तमाम तरह की छूट देने का दावा भी किया था। हालांकि, व्यावसायिक भवनों पर लगने वाले कर को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया।
सबसे ज्यादा विरोध व्यावसायिक भवन स्वामियों ने ही दर्ज कराया था। घंटाघर पर व्यापारियों ने धरना भी दिया था, जिसे नगर निगम के अधिकारियों ने शांत कराया था। अब व्यापारियों ने इस मामले में नगर आयुक्त से मिलकर स्थिति को स्पष्ट करने की बात कही है। उनका कहना है कि व्यावसायिक भवनों पर कर कम नहीं होने की दशा में आंदोलन करेंगे।
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व्यापारी नेता गोपीचंद ने बताया कि घर और व्यावसायिक भवनों पर कर कम करने को लेकर जो भी आश्वासन दिए गए, वह अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, गलत साबित हुए। महापौर ने पुरानी दरों को बहाल कराने का दावा किया था, लेकिन बढ़ी हुई दरों में कुछ फीसदी की ही कटौती हुई।
-एक सप्ताह बाद साफ होगी तस्वीर :
निगम अधिकारियों ने बताया कि नई दरों के हिसाब से साफ्टवेयर को अपडेट होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। ऐसे में पूरी तस्वीर साफ होने में एक सप्ताह का समय और लगेगा। संजय नगर के कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा ने बताया कि गृहकर के मामले में अब भी पूरी राहत नहीं मिली है। फिर भी जो राहत दी गई है, उसका स्वागत है।

-अधिकारियों ने दिया था भरोसा, उनसे लिया जाएगा जवाब :
व्यापारी नेता रामकिशोर अग्रवाल ने बताया कि जिन अधिकारियों ने धरने में पहुंचकर उनका आंदोलन खत्म कराया था, उनसे पूछा जाएगा कि किस आधार पर उन्होंने पुरानी दरों को बहाल कराने का आश्वासन दिया था। उनसे मिलकर स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।
टैक्स दरों में कटौती नाकाफी, जनता के साथ धोखा

गाजियाबाद। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी ने रविवार को घंटाघर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने कहा कि गृहकर की बढ़ी दरों में जो कटौती की घोषणा की है। वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। पहले लगभग चार गुना वृद्धि की गई, अब सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत की हीं कटौती की गई है। पार्टी इसके खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी।
- संघर्ष समिति ने की बैठक
गाजियाबाद। संशोधित की गई गृहकर दरों पर गृहकर पीड़ित संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने रविवार को बैठक की, जिसमें कई सवाल उठे। इसके साथ ही चार रुपये से घटाकर 3.40 पैसे की दर पर केवल 60 पैसे घटाने पर भी गंभीरता से विचार किया गया। साथ ही 19 अप्रैल से आधी दाढ़ी-मूंछ के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है।
बैठक में कहा कहा गया कि हाउस टैक्स को पूर्व दरों पर जमा कराने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केवल 60 पैसे घटाए गए हैं। अभी भी टैक्स काफी बढ़ा है। बढ़ी दर निकाली जा रही है। समिति के सदस्य प्रीतम लाल ने कहा कि केवल जनता को भ्रमित किया गया है। 10 प्रतिशत से काफी अधिक वृद्धि की गई है। तिलक राज अरोड़ा ने कहा कि स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। बालकृष्ण गुप्ता ने कहा कि समिति जल्द ही पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर जनता के सामने सच्चाई रखेगी।
19 को आधी दाढ़ी-मूंछ के साथ शुरू होगा आंदोलन

गृहकर के लिए अनशन पर बैठ चुके अवधेश शर्मा का कहना है कि चार रुपये से केवल 60 पैसे घटाकर जनता को मूर्ख बनाया गया है। सभी सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए संग 19 से आधी दाढ़ी-मूंछ संग आंदोलन शुरू किया जाएगा। कोरवा यूपी के महासचिव जय दीक्षित का कहना है कि इस संबंध में गुणा-भाग किया जा रहा है। सोमवार को बैठक होगी।
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