भूकंप, बाढ़, सुनामी के साथ अन्य प्राकृतिक आपदाओं के वक्त सुरक्षा एजेंसियां तेजी से राहत-बचाव कार्य कर सकेंगी। एनडीआरएफ सहित देश की आपदा प्रबंधन सुरक्षा एजेंसियों के लिए इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) नेशनल डाटाबेस फॉर इमरजेंसी मैनेजमेंट (एनडीईएम) पोर्टल तैयार कर रहा है।
पोर्टल के जरिए राहत-बचाव एजेंसियों के पास पहले से ही आपदा क्षेत्र का सेटेलाइट ब्यौरा मौजूद होगा। वहीं, एनडीआरएफ टीमों के पास क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों की जानकारी पहले से ही होगी।
एनडीआरएफ के पास आपदा क्षेत्र का पहले से ही पूरा ब्यौरा होने से वह बचाव स्थल पर बगैर देर किए जल्द से जल्द कार्रवाई कर सकेगी। इससे विभिन्न आपदाओं में जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।
साथ ही इसरो राहत-बचाव एजेंसियों के साथ स्टेट एजेंसियों के लिए भी मोबाइल एप्लीकेशन तैयार कर रहा है। अभी तक किसी भी आपदा के वक्त एनडीआरएफ की टीमों को घटना स्थल पर पहुंचकर क्षेत्र का ब्यौरा जुटाना पड़ता है।
क्षेत्र की जानकारी नहीं होने से परेशानियां भी पेश आती हैं। फिर स्थानीय प्रशासन और एजेंसियों से संपर्क कर ऑपरेशन शुरू करने में भी काफी वक्त जाया होता है। स्थानीय एजेंसियों से तालमेल की कमी के चलते राहत-बचाव अभियान और मेडिकल राहत में भी देरी होती है। अब इस समस्या से एनडीआरएफ व अन्य एजेंसियों को नहीं जूझना पड़ेगा।
पोर्टल ऑपरेट करना सीख रहे एनडीआरएफ अफसर
एनडीआरएफ आठवीं बटालियन कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि एनडीईएम पोर्टल पर एनडीआरएफ की सभी 12 बटालियन को एक्सेस हासिल होंगे। बंगलुरू में हुई एनडीईएम ट्रेनिंग में एनडीआरएफ ऑफीसर्स ने पोर्टल को ऑपरेट करना सीखा है।
आगे भी कई ट्रेनिंग सत्र आयोजित होंगे। पोर्टल शुरू होने से आपदा क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान और तेज हो जाएगा। पोर्टल के जरिए घटना स्थल की पूरी भौगोलिक स्थिति और जरूरी जानकारियों उनके पास होंगी।