गाजियाबाद। नवयुग मार्केट में 1.7 करोड़ की लागत से ओपन ड्रेनेज सिस्टम डेवलप करने का प्लान गुपचुप बदल दिया गया है। नगर निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) ने अब ओपन ड्रेनेज का प्लान बदलकर पाइप लाइन डालने का एस्टिमेट तैयार कर दिया।
इस पर स्थानीय पार्षद पति राजीव शर्मा ने निगम अफसरों से आपत्ति जताई तो अफसरों ने भी इसकी जानकारी से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने महापौर से भी इस कथित फर्जीवाड़े की शिकायत की है।
नगर निगम ने नगरीय सड़क सुधार योजना के तहत वर्ष 2014-15 में 1.70 करोड़ की लागत से नवयुग मार्केट में आरसीसी नाली-नाला निर्माण को मंजूरी दी थी। नियमों के तहत इतनी बड़ी रकम का काम जल निगम या सीएंडडीएस यूनिट ही कर सकती है, ऐसे में यह काम करने की जिम्मेदारी सीएंडडीएस को दे दी गई थी।
पार्षद पति राजीव शर्मा का आरोप है कि सीएंडडीएस ने पहले तो इस काम को दो साल तक अटकाए रखा और अब एस्टिमेट को ही बदलकर पाइप डालने का प्रपोजल तैयार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ठेका एक पार्टी के वरिष्ठ स्थानीय नेता के भाई को देने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने इसकी शिकायत शुक्रवार को महापौर अशु वर्मा और नगर निगम के चीफ इंजीनियर आरके मित्तल से की। हैरानी की बात यह है कि चीफ इंजीनियर ने भी एस्टिमेट में हुए इस बदलाव की जानकारी से इंकार किया है।
उनका कहना है कि इसके लिए सीएंडडीएस ने उनसे सहमति नहीं ली है। वहीं महापौर का कहना है कि मामले की पड़ताल कराई जाएगी। गुपचुप एस्टिमेट बदलने का आरोप सही मिला तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को भेजूंगा।