न बैंड बाजा बजा और न ही बारातियों के लिए लजीज व्यंजन। नोटबंदी में रुपयों का इंतजाम न हो पाने पर एक शादी ऐसी हुई कि नजीर बन गई। मंदिर में शादी हुई और बारातियों और अन्य मेहमानों का स्वागत केवल पानी पिलाकर किया गया।
इसके बाद विधिवत ढंग से पांच पंडितों ने शादी कराई और महज 11 रुपये की दक्षिणा ली। यह शादी यहां ब्रह्मनान कालोनी स्थित राधाकृष्ण बड़ा मंदिर में हुई। परशुराम सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बताया कि शास्त्री नगर कालोनी निवासी सौरभ पुत्र सतेंद्र सैनी की शादी हापुड़ के सिमरौली गांव निवासी मोनिका पुत्री बिल्लू सैनी से तय हुई थी।
मोनिका के पिता कैंसर पीड़ित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। 15 दिसंबर को दोनों का विवाह होना था। नोट बंदी के कारण 13 दिसंबर को लड़की पक्ष ने लड़के पक्ष को सूचना दी कि शादी के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो सका है, इसलिए शादी की तिथि आगे बढ़ा दी जाए।
इस पर समाज के लोगों की बैठक हुई और लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को मुरादनगर बुलवा लिया। बृहस्पतिवार को ब्रह्मनान कालोनी स्थित राधाकृष्ण बड़ा मंदिर में मोनिका और सौरभ का विवाह मात्र 365 में रुपये संपन्न कराया गया।
विवाह में पानी पिलाकर बारातियों और अन्य मेहमानों का स्वागत किया गया। शादी कराने वाले मंदिर के पांच पंडितों ने दक्षिणा के तौर पर मात्र 11 रुपये लिए।
दूल्हे सौरभ ने बताया कि नोटबंदी के कारण रुपयों के इंतजाम में दिक्कत आ रही थी इसलिए उनकी सास सरस्वती, दुल्हन के भाई महेंद्र और भाभी रानी समेत करीब 15 लोग उनकी ससुराल पक्ष से थे जबकि इतने ही लोग उनकी तरफ से शादी में शामिल हुए।
वह अपनी शादी से बेहद खुश हैं। वहीं, यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। विवाह में नरेंद्र शर्मा, अवध किशोर, अशोक कौशिक व नंदू समेत कई लोग शामिल रहे।