कई दिन बाद हवा का रुख बदला तो लोगों को आसमान में फैले ‘जहरीले’ धुएं से निजात मिली। सोमवार को स्मॉग बेहद कम रहा, हालांकि प्रदूषण की मात्रा अभी भी सामान्य से ज्यादा रही। मौसम विभाग के मुताबिक अभी स्मॉग से पूरी तरह निजात मिलने की संभावना नहीं है।
बीते शनिवार और रविवार को स्मॉग का असर सबसे ज्यादा रहा। इसके चलते डीएम ने दूसरी कक्षा तक के बच्चों की दो दिन तक छुट्टी के आदेश जारी कर दिए थे। प्रदूषण की वजह से लोगों में दहशत बनने लगी थी, इसके चलते लोग घरों से निकलने से भी बच रहे थे।
मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. रंजीत सिंह के मुताबिक आसमान में बने एंटी साइक्लोन के ब्रेक होने की वजह से यह राहत मिली है। हवा का रुख बदलने से यह एंटी साइक्लोन ब्रेक हुआ है।
उन्होंने बताया कि बारिश होती तो आसमान में धूल, प्रदूषण के कण पूरी तरह नीचे बैठ जाते, लेकिन हवा की वजह यह अभी यह केवल एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट और डायल्यूट हुए हैं। ऐसे में पूरी तरह निजात मिलने की संभावना अभी नहीं है।
स्मॉग का असर ट्रेनों की रफ्तार पर भी पड़ा। दृश्यता कम होने की वजह से ट्रेनों की स्पीड कम हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर बिहार, बंगाल रूट की लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन पर पड़ रहा है। लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनें 2 से 8 घंटे की देरी से दौड़ रही है। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मौसम लगातार साफ रहा तो एक-दो दिन में ट्रेनों का शेड्यूल सुधर जाएगा। लेटलतीफी की वजह से कई ट्रेनों को री शेड्यूल करना पड़ा। इनमें आनंद विहार-पटना सुपरफास्ट, आनंद विहार-इलाहाबाद स्पेशल, आनंद विहार-उधमपुर स्पेशल, आनंद विहार-छपरा स्पेशल, नई दिल्ली-काठगोदाम शताब्दी, मगध एक्सप्रेस आदि ट्रेनें शामिल हैं।