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Ghaziabad News: त्वचा पर लाल चकत्ते और सफेद पपड़ी, सोरायसिस के हो सकते हैं लक्षण

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गाजियाबाद। त्वचा पर बार-बार लाल चकत्ते उभरना, उन पर सफेद पपड़ी जमना और खुजली या जलन होना सोरायसिस के लक्षण हो सकते हैं। कई बार लोग इसे सामान्य त्वचा संक्रमण समझकर खुद ही दवाओं का इस्तेमाल करने लगते हैं, जबकि यह एक दीर्घकालिक प्रतिरक्षा संबंधी त्वचा रोग है। इसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य से तेजी से बनने लगती हैं, जिससे त्वचा पर मोटी परत जम सकती है। 29 अक्तूबर को विश्व सोरायसिस दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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एमएमजी अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके दीक्षित के अनुसार, सोरायसिस के लक्षण दिखने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 35 से 40 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं संयुक्त अस्पताल संजय नगर में पिछले चार वर्ष से त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इस कारण से मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ता है।


तनाव और जीवनशैली से बढ़ सकती है समस्या

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. भावुक मित्तल के अनुसार, सोरायसिस में लक्षण कुछ समय तक कम रहने के बाद दोबारा उभर सकते हैं। तनाव, संक्रमण, त्वचा पर चोट, धूम्रपान, शराब का सेवन और अनियमित जीवनशैली कुछ लोगों में इसके लक्षण बढ़ाने वाले परेशानी बन सकते हैं। यह बीमारी किसी एक कारण से नहीं होती, बल्कि आनुवंशिक प्रवृत्ति और प्रतिरक्षा तंत्र की भूमिका भी रहती है। इसलिए मरीजों को नियमित उपचार के साथ जीवनशैली पर भी ध्यान देना चाहिए।
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भ्रांतियों के कारण मरीज झेलते हैं परेशानी

सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र वैश्य का कहना है कि सोरायसिस से पीड़ित व्यक्ति के साथ सामान्य व्यवहार करना चाहिए। यह छूत की बीमारी नहीं है। मरीज के साथ रहने, भोजन करने या हाथ मिलाने से दूसरे व्यक्ति को इसका संक्रमण नहीं होता। सामाजिक भेदभाव और गलत धारणाएं मरीजों में तनाव बढ़ा सकती हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। समय पर पहचान, सही उपचार और परिवार के सहयोग से बीमारी को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
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सोरायसिस के प्रमुख कारण

आनुवंशिक प्रवृत्ति होने पर सोरायसिस विकसित होने की आशंका बढ़ सकती है।
प्रतिरक्षा तंत्र की गड़बड़ी के कारण त्वचा की कोशिकाएं तेजी से बनने लगती हैं।
मानसिक तनाव कुछ मरीजों में बीमारी को बढ़ा सकता है।
गले या अन्य हिस्सों में होने वाले कुछ संक्रमण लक्षण उभार सकते हैं।
त्वचा पर चोट, धूम्रपान और शराब का सेवन कुछ लोगों में परेशानी बढ़ा सकते हैं।



बचाव और देखभाल की जरूरत

त्वचा को सूखने से बचाने के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाएं।
तनाव कम करने के लिए पर्याप्त नींद लें और नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं और संतुलित आहार अपनाएं।
त्वचा पर खुजली होने से पपड़ी को नोचने या त्वचा को रगड़ने से बचें।
डॉक्टर की सलाह से उपचार जारी रखें और बिना परामर्श के दवाएं बंद न करें।
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