दूसरी सुरंग का निर्माण कार्य जून तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। गाजियाबाद में रैपिड एक्स केवल दो किमी का भूमिगत भाग आता है। साहिबाबाद से दिल्ली तक के खंड को शुरू करने की जून 2024 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। इस भाग में गाजियाबाद में दो और दिल्ली में दो सुरंग का निर्माण किया जाना है। इनमें से दिल्ली आनंद विहार से न्यू अशोकनगर तक तीन किमी लंबी पहली सुरंग का काम बीते माह पूरा हो गया था। अब इस सुरंग के समानांतर दूसरी सुरंग का काम आखिरी चरण में है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि साहिबाबाद से दिल्ली तक भूमिगत भाग में अब केवल 800 मीटर की सुरंग की खोदाई का काम शेष बचा है। जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
11 माह से कम समय में सुरंग का हुआ निर्माण
वैशाली से आनंद विहार तक दो किमी लंबी सुरंग का निर्माण कार्य एनसीआरटीसी ने रिकॉर्ड 11 माह से कम समय में पूरा किया है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन की मदद से 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के डिजाइन के अनुसार 6.5 मीटर व्यास वाली सुरंग तैयार की गई है। सुरंग को मजबूती प्रदान करने के लिए इस भाग में पहले से तैयार उच्च क्षमता के 9500 टनल सीमेंट के हिस्से (प्री-कास्ट सेगमेंट) का इस्तेमाल किया गया है। गाजियाबाद से दिल्ली भूमिगत भाग में अब तक पहले से तैयार 25,600 टनल सीमेंट के हिस्से का इस्तेमाल किया गया है।
मेरठ में छह में से चार सुरंग का निर्माण पूरा
मेरठ में रैपिड रेल के भूमिगत भाग में छह में से चार सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टीबीएम सुदर्शन ने गांधीबाग से बेगमुल तक पहली सुरंग का निर्माण कार्य अक्तूबर 2022 में पूरा कर लिया था। फिर दिसंबर 2022 में भैसाली से मेरठ सेंट्रल स्टेशन तक दूसरी टनल का निर्माण पूरा हुआ। फरवरी माह के शुरुआत में भैंसाली से मेरठ सेंट्रल तक सामानांतर दूसरी सुरंग का निर्माण पूरा किया गया। बीते माह गांधीबाग से बेगमपुल स्टेशन तक 750 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हुआ। अब टनल बोरिंग मशीन सुदर्शन ने भैंसाली से बेगमपुल स्टेशन तक दूसरी समानांतर सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है।