लखनऊ/गाजियाबाद। दिल्ली से मेरठ के बीच सुगम व त्वरित यातायात के लिए बन रहे देश के पहले रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के पहले चरण का काम करीब पूरा हो चुका है। करीब 17.2 किलोमीटर लंबे पहले चरण के रूट पर ट्रायल रन पूरा करने के बाद अब कामर्शियल रन शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संभावना है कि जून तक गाजियाबाद के साहिबाबाद से दुहाई के बीच रैपिड रेल का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए रेल सुरक्षा आयक्त को रैपिड रेलवे ट्रैक के निरीक्षण के लिए पत्र लिखा जा चुका है। रेल सुरक्षा आयुक्त से अनापत्ति मिलने के साथ ही इस रूट पर रैपिड रेल दौड़ाई जाएगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल चलाने के लिए आरआरटीएस का काम शुरू किया था। करीब 82 किमी. लंबे मार्ग का निर्माण काफी तेजी से कराया जा रहा है। इसमें पहले चरण का काम करीब समाप्त हो चुका है। पहले चरण के 17.2 किमी. मार्ग पर फरवरी में कराए गए ट्रायल रन के सफल होने के बाद अब इस रेल खंड पर रैपिड रेल की नियमित परिचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए दुहाई यार्ड में रैपिड रेल कॉरिडोर के ऑपरेशन एंड कमांड कंट्रोल सेंटर का निर्माण का काम भी अंमित चरण में है। पूरे रूट पर चलने वाली सभी रैपिड ट्रेनों का संचालन और नियंत्रण संचालन इसी केंद्र से किया जाएगा
पहले चरण में पांच स्टेशन पर दौड़ेगी रैपिड रेल
पहले चरण के रैपिड रेल मार्ग पर पांच स्टेशन होंगे। इनमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर और दुहाई शामिल हैं । इस रेल मार्ग पर रैपिड रेल 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जो देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन होगी। योजना के मुताबिक दिल्ली से मेरठ के रूट पर कुल 30 रैपिड रेल चलाने की योजना है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 13 ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
2025 तक पूरा होगा काम
दिल्ली से मेरठ तक बन रही आरआरटीएस की काम दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जबकि मार्च 2024 तक साहिबाबाद से मेरठ खंड और साहिबाबाद से दिल्ली खंड का काम पूरा करने के लिए दिसंबर 2025 तक की समय सीमा तय की गई है। पूरे रेल मार्ग में कुल 24 स्टेशन होंगे।
ट्रायल का काम पूरा हो चुका है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा जांचने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त कार्यालय को सूचना भेज दी गई है। वहां के अधिकारी रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करके जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे। उनकी एनओसी मिलने के बाद रैपिड रेल का कामर्शियल रन शुरू कर दिया जाएगा । - नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव आवास एवं नियोजन उप्र