फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामलीला- कहीं भरत मनावन तो कहीं सीता हरण का हुआ मंचनभरत चले चित्रकुट श्री राम को मनाने

सार

अयोध्या आकर उन्हें श्रीराम के वन गमन की जानकारी मिलती है तब वह श्रीराम को मनाने के लिए चित्रकूट जाते हैं लेकिन श्रीराम अयोध्या वापस जाने से मना कर देते हैं और भरतजी श्रीरामजी की खड़ाऊ लेकर आते हैं और उसको सिंहासन पर रखकर राजकाज चलाते हैं। लक्ष्मण श्रीराम से सूर्पनखा के विवाह प्रस्ताव से क्रोधित होकर सूर्पनखा की नाक काट देते हैं उसके बाद अपने भाई खरदूषण के पास जाती है। शहर विधायक अतुल गर्ग के नेतृत्व में कमेटी के अध्यक्ष वीरू बाबा, राजेंद्र मित्तल, कार्यवाहक महामंत्री दिनेश शर्मा और संजीव मित्तल उनके दिल्ली स्थित निवास पर मिले और रामलीला देखने का आमंत्रण दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भरत चले चित्रकुट श्री राम को मनाने
विज्ञापन

गाजियाबाद। शहर की रामलीलाओं में शुक्रवार को कहीं सूर्पनखा नासिका भंग तो कहीं भरत मनावन प्रसंग का मंचन हुआ। सुल्लामल में भरत मनावन और कविनगर में सूर्पनखा नासिका भंग का मंचन और राजनगर में भी भरत मनावन प्रसंग और संजय नगर में श्रीराम वन गमन और दशरथ मरण के प्रसंग का मंचन हुआ।
सुल्लामल रामलीला
श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी में भरत मनावन लीला से लेकर सीता हरण तक के प्रसंग का मंचन हुआ। भरतजी को ननिहाल में जब राजा दशरथ के स्वर्गवास की सूचना मिलती है तब वह दुखी होते हैं। अयोध्या आकर उन्हें श्रीराम के वन गमन की जानकारी मिलती है तब वह श्रीराम को मनाने के लिए चित्रकूट जाते हैं लेकिन श्रीराम अयोध्या वापस जाने से मना कर देते हैं और भरतजी श्रीरामजी की खड़ाऊ लेकर आते हैं और उसको सिंहासन पर रखकर राजकाज चलाते हैं। वहां वन में माता अनुसूईया सीताजी को उपदेश देती हैं। उसके बाद सीता का हरण होता है। इस मौके पर उस्ताद अशोक गोयल, श्रीकांत राही,नीरज गोयल, लोकेश बंसल, नंद किशोर, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

सुल्लामल में नहीं चला झूला
झूला संचालकों और कमेटी वालों से पैसों के लेनदेन को विवाद की वजह से शुक्रवार को झूले नहीं संचालित हुए। कमेटी के अध्यक्ष वीरु बाबा ने बताया कि झूलों के लिए जितने रेट पर शुरुआत में तय किया गया था वह इस रेट को देने को तैयार नहीं। हालांकि मुआवजे के लिए कहा गया है कि जितना अन्य समितियां मुआवजा देंगी वह हम देने को तैयार हैं। मेला भी दो तीन दिन और बढ़ाने के तैयार हैं लेकिन झूला संचालक इसको मानने को तैयार नहीं था।
कविनगर रामलीला
श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर में सूर्पनखा और विद्युतजीव्हा का विवाह, रावण विश्वेविजेता, सूर्पनखा नासिका भंग और खर दूषण वध तक के प्रसंग का मंचन हुआ। वन में श्रीराम को देखकर सूर्पनखा उनपर मुग्ध हो जाती है, वह उनसे विवाह का प्रस्ताव रखती है लेकिन श्रीराम कहते हैं कि वह विवाहित हैं। वह उसके बाद लक्ष्मण के सामने यही प्रस्ताव लेकर जाती है। लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं और उसकी नाक काट देते हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष ललित जायसवाल, भूपेंद्र चोपड़ा आदि मौजूद रहे।
राजनगर रामलीला
श्री रामलीला समिति राजनगर में सूर्पनखा नाक-कान छेदन, खर दूषण वध, सीता हरण का मंचन हुआ। लक्ष्मण श्रीराम से सूर्पनखा के विवाह प्रस्ताव से क्रोधित होकर सूर्पनखा की नाक काट देते हैं उसके बाद अपने भाई खरदूषण के पास जाती है। खर ने कई राक्षसों को राम लक्ष्मण का वध करने के लिए भेजता है लेकिन उनका भी वध हो जाता है। इस मौके पर मुख्य रुप से रामगोपाल कौशिक, अध्यक्ष जयकुमार गुप्ता, आरएन पांडे, राजीव मोहन गुप्ता, गोल्डी सहगल, रेखा अग्रवाल, आदि मौजूद रहे।
संजयनगर रामलीला
श्री आदर्श धार्मिक रामलीला समिति संजयनगर में श्री राम वन गमन और दशरथ मरण का मंचन हुआ। कैकयी द्वारा जब श्रीराम के वन जाने का वरदान मांगा जाता है तो दशरथ मूर्छित हो जाते हैं। माता कैकयी के वचन का पालन करने के लिए श्रीराम, लक्ष्मण और उनके साथ माता सीता वन को प्रस्थान करते हैं। श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ अपना प्राण त्याग देते हैं। इस मौके पर मुख्य रुप से संरक्षक मोहन सिंह रावत, संजीव चौधरी, सुमित चौहान, तरुण शर्मा, कौशल शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दिया रामलीला देखने का आमंत्रण
सुल्लामल कमेटी के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को रामलीला देखने का आमंत्रण दिया। शहर विधायक अतुल गर्ग के नेतृत्व में कमेटी के अध्यक्ष वीरू बाबा, राजेंद्र मित्तल, कार्यवाहक महामंत्री दिनेश शर्मा और संजीव मित्तल उनके दिल्ली स्थित निवास पर मिले और रामलीला देखने का आमंत्रण दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें